स्ट्रीट फूड व फल-सब्जी वालों के लिए भी पंजीयन जरूरी…शहर ही नहीं, अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी चाट और मोमोज के ठेले लगने लगे

भाटापारा । खाद्य सुरक्षा विभाग की फौरी जांच में मोमोज और चाट दुकानें खाद्य सुरक्षा मानक के पालन को लेकर बेपरवाह मिलीं है। कमोबेश ऐसा ही हाल एग रोल बनाने और बेचने वाले स्ट्रीट फूड काउंटरों का भी है। रजिस्ट्रेशन नंबर की अनिवार्यता अब स्ट्रीट फूड काउंटरों पर भी प्रभावी होगी। समान रूप से यह नियम फल और सब्जी बेचने वाली दुकानों को भी मानना होगा।
जांच और कार्रवाई के पहले खाद्य एवं औषधि प्रशासन बहुत जल्द जागरूकता अभियान चलाने की तैयारी कर रहा है, जिसमें खाद्य सुरक्षा मानक की जानकारी सिलसिलेवार दी जाएगी। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि विक्रय करने वाली जगह में चौतरफा गंदगी रहती है। सड़ी- गली सामग्रियों के निष्पादन की उचित व्यवस्था नहीं होती। भंडारित सामग्रियों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर नहीं हैं, फल और सब्जी बेचने वाली फुटकर दुकानें। यह लापरवाही सेहत के लिए नुकसान की बड़ी वजह बन सकती हैं। इसलिए इन्हें खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत लिया जा रहा है।
शहर ही नहीं, अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी चाट और मोमोज के ठेले लगने लगे हैं। अनिवार्य है इस क्षेत्र के लिए भी हेड कैप, मास्क, ग्लव्स और गम बूट लेकिन निर्माण से लेकर विक्रय तक का हर चरण ऐसे सुरक्षा उपायों के बगैर पूरा होता है। वेस्ट मैनेजमेंट के उपाय तो कहीं भी नजर नहीं आते। अंडा, आमलेट और एग रोल बनाने और बेचने वालों की संख्या जिस गति से बढ़ रही है, उसी अनुपात में खाद्य सुरक्षा के पालन को लेकर लापरवाही भी बढ़ रही है। कुछ घंटे का यह कारोबार भी जांच के दायरे में लिया जा चुका है। रजिस्ट्रेशन नंबर के पूर्व जागरूकता अभियान इनके बीच विशेष रूप से चलाने की तैयारी में है खाद्य एवं औषधि प्रशासन।
इस पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी अक्षय सोनी ने कहा कि फल – सब्जी, चाट, मोमोज, अंडा एवं अंडे से बनने वाली सह- सामग्री विक्रेता संस्थानों को नियमत: रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। साथ ही खाद्य सुरक्षा के हर मानक पूरे करने होंगे। जांच और कार्रवाई के पूर्व जागरूकता अभियान की तैयारी कर रहे हैं।




