सेंट्रल जेल की त्रिवेणी सेल में गुड्डा: दो दरवाजों के अंदर डकैत, बाहर 4 प्रहरी कर रहे निगरानी; बार-बार मांग रहा पानी

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ग्वालियरएक घंटा पहले
चंबल की बीहड़ के कुख्यात डकैत गुड्डा गुर्जर पकड़े जाने के बाद अब ग्वालियर सेन्ट्रल जेल की त्रिवेणी सेल में बद हैं। यहां दो दरवाजों के भीतर चार जेल प्रहरी की विशेष निगरानी में डकैत को रखा गया है। त्रिवेणी सेल वह सेल है जहां खूंखार डकैत, बदमाशों को रखा जाता है। यहां रहने वाले बंदी अन्य बंदी से अलग होते हैं।
डकैतों को इसी सेल में रखा जाता है। यहां भी पिछले 24 घंटे से गुड्डा बार-बार करवटें बदल रहा है। बार-बार पीने के लिए पानी मांग रहा है। अभी जेल में गुड्डा पर पूरी निगरानी रखी जा रही है। अभी उससे मिलने की किसी को इजाजत नहीं दी जा रही है। डॉक्टर ने भी उसे दो बार चेक किया है।
ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने एएसपी राजेश दंडौतिया के नेतृत्व में अभियान चलाकर बुधवार रात को घाटीगांव के भंवरपुरा-डाडाखिरक के बीच बसोटा के जंगल में चंबल के कुख्यात डकैत 60 हजार रुपए इनामी गुड्डा गुर्जर को एनकाउंटर मंे गिरफ्तार किया है। दोनों ओर से सवा दो घंटे चली गोलियां के बीच भागते समय डकैत के पैर में गोली लगी और वह लंगड़ाते हुए भी फायर करता रहा। पर कुछ दूर भागने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से 315 बोर की राइफल व कारतूस भी मिले हैं। दोनों ओर से पुलिस ने करीब एक सैकड़ा गोलियां चलने का दावा किया था। पर अगले दिन जब गोलियों का मिलान किया गया तो स्थिति साफ हुई है। पुलिस की ओर से 7 पुलिस अफसर व जवानों ने करीब सटीक 37 गोलियां चलाई। डकैत से एनकाउंटर पर डीएसपी क्राइम रत्नेश तोमर, टीआई क्राइम दामोदर गुप्ता और क्राइम ब्रांच से मनोज परमार, नरवीर , भगवती, रामवीर, विकास ने कुल 37 गोलियां चलाई हैं। गुरुवार को स्पॉट से 22 खोके मिल भी चुके हैं। डकैतों की तरफ से 20 से 22 गोलियां चलाने की बात सामने आ रही है।
जेल में गुड्डा पर विशेष निगरानी
शुक्रवार को गुड्डा को कोर्ट ने जेल भेज दिया था। जेल में पहुंचते ही उसे विशेष निगरानी में ले लिया। डकैत को सीधे त्रिवेणी सेल में रखा गया है। डकैतों को रखा जाता है। साथ ही बड़े बदमाश इस सेल के अंदर रहते हैं। गुड्डा को त्रिवेणी सेल की उस जगह रखा गया है जहां दो दरवाजे खोलने के बाद ही गुड्डा तक पहुंचा जा सकता है।
चार पुलिसकर्मी सेल के बाहर कर रहे निगरानी
– गुड्डा त्रिवेणी सेल की विशेष निगरानी में है। उसकी सुरक्षा में बाहर चार पुलिस जवान मतलब जेल प्रहरी 24 घंटे ड्यूटी कर रहे हैं। साथ ही सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं।
जेल में भी नहीं आ रही नींद
– सेन्ट्रल जेल की त्रिवेणी सेल में पहुंचने के बाद भी गुड्डा की आंखों से नींद उड़ी हुई है। वह सो नहीं रहा है। जेल में भी रात भर करवटें बदलता रहा। अभी तक उसे खुले में सोने की आदत है। अब वह जेल में है तो उसको नींद नहीं आ रही है। बार-बार करवटें बदल रहा है। साथ ही बार-बार पानी मांग रहा है।
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