साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड समेत सहयोगी कंपनियों में घटेगी कोल इंडिया लिमिटेड की हिस्सेदारी, भारत कोकिंग कोल लिमिटेड बनेगी पहली सूचीबद्ध सहायक कंपनी

कोरबा। कोल इंडिया लिमिटेड (Coal India Limited – CIL) ने अपनी सहायक कंपनियों में हिस्सेदारी कम करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस दिशा में पहला कदम उठाते हुए कोल इंडिया की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (Bharat Coking Coal Limited – BCCL) को शेयर बाजार में सूचीबद्ध किया जा रहा है। बीसीसीएल, कोल इंडिया समूह की पहली सहायक कंपनी होगी, जो शेयर बाजार के मेन बोर्ड पर सूचीबद्ध होगी।
भारत कोकिंग कोल लिमिटेड देश में इस्पात उद्योग में उपयोग होने वाले कोकिंग कोल के उत्पादन में अग्रणी कंपनी है और वर्तमान में यह कोल इंडिया लिमिटेड की 100 प्रतिशत स्वामित्व वाली कंपनी है। बीसीसीएल को सूचीबद्ध करने के लिए निवेश एवं सार्वजनिक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (Department of Investment and Public Asset Management – DIPAM) से मंजूरी प्राप्त हो चुकी है।
मंजूरी मिलने के बाद कोल इंडिया लिमिटेड ने अपनी सहायक कंपनी भारत कोकिंग कोल लिमिटेड का प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (Initial Public Offering – IPO) मेन बोर्ड के माध्यम से लॉन्च कर दिया है। यह आईपीओ 9 जनवरी को खुलकर 13 जनवरी तक निवेशकों के लिए खुला रहेगा।
इस आईपीओ के तहत कोल इंडिया लिमिटेड अपने 46 करोड़ 57 लाख इक्विटी शेयर बाजार में बेचेगी। यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (Offer For Sale – OFS) आधारित होगा, जिसमें कंपनी द्वारा कोई नया शेयर जारी नहीं किया जाएगा।
आईपीओ के तहत शेयरों का आवंटन (Allotment) 14 जनवरी को प्रस्तावित है, जबकि कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (Bombay Stock Exchange – BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (National Stock Exchange – NSE) पर 16 जनवरी को की जाएगी।
जानकारों के अनुसार, इस आईपीओ के माध्यम से कोल इंडिया लिमिटेड को लगभग 1,000 करोड़ रुपये जुटाने की संभावना है। भारत कोकिंग कोल लिमिटेड की लिस्टिंग से निवेशकों को देश के कोकिंग कोल क्षेत्र में प्रत्यक्ष निवेश का अवसर मिलेगा।
वर्ष 2026 में ऊर्जा और खनन क्षेत्र से जुड़ा यह पहला मेन बोर्ड आईपीओ होगा, जिसके चलते निवेशकों के बीच इसे लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है। बीसीसीएल की लिस्टिंग के बाद भविष्य में साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (South Eastern Coalfields Limited – SECL) समेत कोल इंडिया लिमिटेड की अन्य सहयोगी कंपनियों में भी हिस्सेदारी घटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।



