साइबर जागृति अभियान में सक्ती जिला प्रदेश में 9वें स्थान पर, नवगठित जिलों में प्रथम

सक्ती। छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक चलाए गए राज्य स्तरीय साइबर जागृति अभियान में जिला सक्ती ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। प्रदेश के 33 जिलों के बीच आयोजित इस अभियान में सक्ती जिले ने 9वां स्थान हासिल कर टॉप-10 में जगह बनाई, जबकि नवगठित जिलों की श्रेणी में सक्ती को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि जिले में चलाए गए व्यापक साइबर जागरूकता कार्यक्रमों और पुलिस टीमों के सामूहिक प्रयास का परिणाम बताई गई है।
पुलिस अधीक्षक सक्ती प्रफुल्ल कुमार ठाकुर के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल के मार्गदर्शन में जिले के थाना क्षेत्रों में साइबर जागरूकता अभियान चलाया गया। SDOP सक्ती भुवनेश्वरी पैंकरा, SDOP डभरा सुमित गुप्ता, DSP मुख्यालय सहित जिले के सभी थाना प्रभारियों और पुलिस टीमों ने अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई। पुलिस टीमों ने गांवों, चौक-चौराहों, बाजारों, स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर पहुंचकर लोगों को साइबर अपराध से बचाव के तरीके बताए।
अभियान की खास बात यह रही कि पुलिस अधीक्षक सक्ती ने जिन-जिन गांवों में जन चौपाल लगाकर लोगों को साइबर अपराध से बचाव का संदेश दिया, वहां उन्होंने छत्तीसगढ़ी बोली में ही जागरूकता संदेश दिया। स्थानीय भाषा में संवाद के माध्यम से ग्रामीणों तक साइबर सुरक्षा की जानकारी सरल तरीके से पहुंचाने का प्रयास किया गया।
अभियान के दौरान छात्र-छात्राओं, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और आम लोगों को डिजिटल अरेस्ट, फर्जी पुलिस अधिकारी, CBI या ED अधिकारी बनकर की जाने वाली ठगी, फर्जी कस्टमर केयर, संदिग्ध लिंक, KYC अपडेट, बिजली कनेक्शन काटने, बैंक खाता बंद होने, ऑनलाइन निवेश, नौकरी और लोन के नाम पर होने वाले साइबर फ्रॉड से सावधान रहने की जानकारी दी गई।
पुलिस ने लोगों को समझाया कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, PIN, CVV, पासवर्ड या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें। अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध APK या मोबाइल एप डाउनलोड करने और अनजान व्यक्ति के कहने पर स्क्रीन शेयरिंग या रिमोट एक्सेस एप इंस्टॉल करने से बचने की अपील की गई। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस, CBI, ED, कोर्ट या कोई अन्य सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल के माध्यम से किसी व्यक्ति को डिजिटल अरेस्ट नहीं करती।
साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करने और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी भी दी गई। पुलिस ने नागरिकों से कहा कि ठगी होने पर घबराने के बजाय तत्काल पुलिस या साइबर थाने को सूचना दें, ताकि ठगी की रकम को होल्ड कराने और आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए समय पर प्रयास किया जा सके।
साइबर जागृति अभियान में जिला पुलिस ने सेल्फी स्टैंड का भी इस्तेमाल किया। आम नागरिकों और विद्यार्थियों ने सेल्फी लेकर साइबर सुरक्षा के संदेश को आगे बढ़ाया। मोबाइल के माध्यम से सेल्फी लेने के लिए लिंक साझा कर लोगों को प्रेरित किया गया, जिससे साइबर सुरक्षा का संदेश उनके परिवार, रिश्तेदारों और परिचितों तक भी पहुंचा।
जिला पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि डिजिटल दौर में साइबर अपराध से बचने के लिए सतर्कता और जागरूकता सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है। किसी भी अनजान कॉल, मैसेज, लिंक, QR कोड, मोबाइल एप या ऑनलाइन ऑफर पर बिना जांचे भरोसा न करें। पुलिस ने “रुकें, सोचें और फिर क्लिक करें” की आदत अपनाने तथा साइबर अपराध होने पर बिना देरी किए 1930 पर संपर्क करने की अपील की है।
राज्य स्तरीय अभियान में सक्ती का 9वां स्थान और नवगठित जिलों में प्रथम स्थान हासिल करना जिले के सभी थाना प्रभारियों और पुलिस कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। जिला पुलिस के मुताबिक साइबर अपराध के खिलाफ जागरूकता और कार्रवाई का अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।




