श्री श्याम मित्र मंडल, कोरबा के चुनाव विवाद पर ऐतिहासिक निर्णय

0.सहायक पंजीयक बिलासपुर ज्ञान प्रकाश साहू का निष्पक्ष आदेश — धारा 27 के तहत सी.ए. गोपाल अग्रवाल की कार्यकारिणी वैध घोषित
कोरबा, 12 नवम्बर 2025।
श्री श्याम मित्र मंडल, कोरबा के चुनाव विवाद पर सहायक पंजीयक, फर्म्स एंड सोसायटीज़, बिलासपुर ज्ञान प्रकाश साहू ने एक ऐतिहासिक एवं निर्णायक आदेश पारित किया है।
दिनांक 10 नवम्बर 2025 को जारी इस आदेश में सी.ए. गोपाल अग्रवाल के नेतृत्व वाली कार्यकारिणी को वैध एवं विधिसम्मत समिति घोषित किया गया है।
निर्णय में स्पष्ट कहा गया कि संस्था की ओर से गोपाल अग्रवाल द्वारा दिनांक 14 जुलाई 2025 को प्रस्तुत धारा 27 (छत्तीसगढ़ सोसायटी पंजीयन अधिनियम) के अंतर्गत निर्वाचन संबंधी सूचना, मतगणना विवरण और समिति सूची नियमों के अनुरूप एवं प्रमाणिक पाई गई।
अभिलेखों के परीक्षण के उपरांत निम्न पदाधिकारियों की समिति को स्वीकृत कार्यकारिणी घोषित किया गया —
पद नाम
अध्यक्ष गोपाल कुमार अग्रवाल
उपाध्यक्ष सत्यनारायण अग्रवाल
सचिव महेंद्र अग्रवाल
कोषाध्यक्ष अरविंद सिंघानिया
संयुक्त सचिव संजय कुमार केडिया
सदस्य आलोक अग्रवाल
सदस्य राजकुमार सोनी
वहीं, दिनांक 07 जुलाई 2025 को स्वयं को अध्यक्ष बताकर मनोज अग्रवाल उर्फ मन्नी द्वारा प्रस्तुत की गई समिति सूची को अमान्य माना गया। आदेश में कहा गया कि प्रस्तुत दस्तावेज़ न तो प्रमाणित थे और न ही नियमों के अनुरूप।
सहायक पंजीयक ने यह भी स्पष्ट किया कि 01 जुलाई 2025 को कथित रूप से आयोजित निर्वाचन की कोई विधिपूर्ण सूचना अथवा अभिलेख विभाग को प्रस्तुत नहीं किए गए। इस प्रकार, सभी विवादों का पटाक्षेप करते हुए गोपाल अग्रवाल की कार्यकारिणी को पूर्ण वैधानिक मान्यता प्रदान की गई।
क्या था पूरा मामला
इस विवाद की जड़ माननीय उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ में दायर याचिका (WPC 6329/2025) से जुड़ी है।
न्यायालय के आदेश के अनुपालन में पंजीयक, फर्म्स एंड सोसायटीज़, रायपुर ने दिनांक 2 जून 2025 को मनोज अग्रवाल उर्फ मन्नी की कार्यकारिणी (गठित 1 अक्टूबर 2024) को अमान्य घोषित करते हुए संस्था को 45 दिनों में नए निर्वाचन कराने के निर्देश दिए थे।
उक्त आदेश के पालन में, 10 जुलाई 2025 को निर्वाचन अधिकारी एवं नगर पालिका निगम कोरबा के सभापति नूतन सिंह ठाकुर की देखरेख में तथा पुलिस प्रशासन की उपस्थिति में विधिवत चुनाव कराया गया। इसमें सी.ए. गोपाल अग्रवाल भारी बहुमत से विजयी घोषित हुए।
इसके बावजूद, पूर्व अमान्य कार्यकारिणी ने 1 जुलाई 2025 को स्वयंभू रूप से एक अन्य समिति गठित कर 7 जुलाई को विभाग में दावा प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों के दस्तावेज़ों के परीक्षण के बाद सहायक पंजीयक बिलासपुर ने निष्पक्ष एवं विधिपूर्ण निर्णय देते हुए गोपाल अग्रवाल की कार्यकारिणी को वैध माना।
संस्था ने व्यक्त किया आभार
निर्वाचित अध्यक्ष गोपाल अग्रवाल ने इस ऐतिहासिक निर्णय पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय संस्था में लोकतांत्रिक परंपराओं की पुनर्स्थापना का प्रतीक है।
उन्होंने माननीय उच्च न्यायालय, मंत्री लखनलाल देवांगन, श्रम मंत्रालय, सभापति नूतन सिंह ठाकुर, पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, पंजीयक श्रीमती पद्मिनी भोई साहू, सहायक पंजीयक ज्ञान प्रकाश साहू एवं विभागीय टीम, अधिवक्ता हर्षवर्धन अग्रवाल, तथा संस्था के वरिष्ठ सदस्यों — भीखमचंद केडिया, नरेश अग्रवाल, संतोष मोदी, विनोद अग्रवाल, राजकुमार मोदी, सचिन सिंघल, मुकेश बेरलिया, धीरज अग्रवाल, सतीश अग्रवाल, मनोज अग्रवाल, भीम गुप्ता, संजय अग्रवाल आदि — का आभार प्रकट किया।
उन्होंने कहा,
“यह निर्णय न केवल हमारे संगठन के लिए बल्कि समाज में लोकतंत्र, पारदर्शिता और न्याय की मिसाल के रूप में याद किया जाएगा।”




