Chhattisgarh

फिंगरप्रिंट प्रशिक्षण से लैस होगी जांजगीर-चांपा पुलिस, अपराध विवेचना में वैज्ञानिक साक्ष्यों पर जोर

जांजगीर-चांपा, 17 जून। अपराधों की वैज्ञानिक एवं प्रभावी विवेचना को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से जांजगीर-चांपा पुलिस द्वारा पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभा कक्ष में फिंगरप्रिंट प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (आईपीएस) के निर्देशन में आयोजित इस प्रशिक्षण में बिलासपुर रेंज की फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ विद्या जौहर ने जिले के पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आधुनिक फॉरेंसिक तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप विशेष रूप से उपस्थित रहे। जिले के विभिन्न थाना एवं चौकियों से आए प्रशिक्षु उप निरीक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर फिंगरप्रिंट साक्ष्य संकलन, संरक्षण और विश्लेषण की आधुनिक विधियों का प्रशिक्षण प्राप्त किया।

विशेषज्ञ विद्या जौहर ने बताया कि अपराध स्थल से प्राप्त फिंगरप्रिंट साक्ष्य अपराधियों की पहचान स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और न्यायालय में मजबूत साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किए जा सकते हैं। उन्होंने मिनी फिंगरप्रिंट डेवलपिंग किट के माध्यम से घटनास्थल पर छिपे फिंगरप्रिंट विकसित करने की तकनीक का प्रदर्शन भी किया।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (NAFIS) तथा एमसीयू (MCU) के उपयोग संबंधी जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि NAFIS के माध्यम से देशभर के फिंगरप्रिंट डाटाबेस से त्वरित पहचान संभव है, जिससे अपराधियों तक पहुंचने में पुलिस को काफी मदद मिलती है।

इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप ने कहा कि वर्तमान समय में अपराधों की जांच में वैज्ञानिक साक्ष्यों का महत्व लगातार बढ़ रहा है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यकुशलता बढ़ाने के साथ-साथ अपराधों के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण में भी सहायक सिद्ध होंगे।

जांजगीर-चांपा पुलिस द्वारा आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक अनुसंधान पद्धतियों को अपनाकर अपराध नियंत्रण एवं विवेचना को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

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