विधायक अनुज शर्मा ने सदन में क्षेत्र की विकास योजनाओं के लिए सरकार का जताया आभार, नई मांगों को प्रमुखता से रखा सदन में

रायपुर । विधानसभा बजट सत्र के दौरान अनुदान मांगों पर चर्चा में धरसींवा विधायक अनुज शर्मा ने क्षेत्र के विकास को नई गति देने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री,उपमुख्यमंत्री एवं सभीं विभाग के मंत्रियों के प्रति आभार व्यक्त किया। श्री शर्मा ने कहा कि मुख्य बजट 2026-27 में क्षेत्र की बहुप्रतिक्षित मांगों को गंभीरता से शामिल किया गया है, जिससे क्षेत्र की अधोसंरचना में क्रांतिकारी बदलाव आएगा।शासन के सहयोग से धरसींवा क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं और कानून व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
चर्चा के दौरान श्री शर्मा ने धरसींवा की जनता की कुछ बहुप्रतीक्षित और आवश्यक मांगों को सदन के पटल पर रखा और उन पर जल्द स्वीकृति प्रदान करने का विभागीय मंत्रियों सें आग्रह किया।
जिसमें; लोक निर्माण विभाग के प्रमुख स्वीकृत कार्य
विधायक अनुज शर्मा ने बताया कि लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को स्वीकृति मिली है, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं कचना से VIP रोड (₹2000 लाख) तथा कचना से पिरदा मार्ग को दो लेन से चार लेन (₹640 लाख) करने की स्वीकृति। नगर पंचायत खरोरा में इंडोर स्टेडियम एवं खेल मैदान के जीर्णोद्धार हेतु ₹300 लाख। सिलयारी-मांढर लेवल क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज (₹1494.97 लाख) और कचना-खमारडीह मार्ग पर उच्च स्तरीय पुल का चौड़ीकरण (₹800 लाख)। शासकीय हाई स्कूल बरौदा एवं माठ के भवनों हेतु ₹150 लाख।निलजा-खौना, मोहदी-असौंदा, कपसदा-सिलयारी सहित कुल 17 आंतरिक मार्गों के लिए लगभग ₹8240 लाख की बड़ी राशि स्वीकृत की गई है।धन्यवाद ज्ञापन के साथ ही श्री शर्मा ने क्षेत्र की कुछ अन्य समस्याओं और मांगों की ओर उपमुख्य मंत्री का ध्यान आकर्षित किया कि पेयजल और जल जीवन मिशन: के तहत सारागांव, अडसेना, चरौदा और मोतिमपुर कला जैसे ग्रामों में अधूरे पड़े जल जीवन मिशन के कार्यों को नया अनुबंध कर शीघ्र पूर्ण कराने की मांग। बंद पड़ी खदानों के पानी को फिल्टर कर पीने योग्य बनाने हेतु वृहद कार्ययोजना। समोदा बैराज से खरोरा नगर पंचायत और आसपास के 18 गांवों को शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करना।
नगरीय विकास और सौंदर्यीकरण: नगर पंचायत कुंरा में तेलीबांधा मरीन ड्राइव की तर्ज पर रानी सागर तालाब का सौंदर्यीकरण। खरोरा के मुख्य गार्डन का जीर्णोद्धार और गौरव पथ पर स्ट्रीट लाइट की स्थापना। खरोरा में नवीन विश्राम गृह का निर्माण।टेकारी चौक से नयापारा, लालपुर से नेऊरडीह, परसदा से छड़िया और कोदवा बायपास सहित 10 से अधिक नए पहुंच मार्गों के निर्माण की मांग सदन के पटल पर रखी।
गृह एवं पंचायत विभाग
उन्होंने कहा कि पंचायत विभाग की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से क्षेत्र में महतारी सदन और आंतरिक मार्गों के निर्माण की स्वीकृति से ग्रामीणों को बड़ी सुविधा मिली है। साथ ही, गृह विभाग के अंतर्गत सिलयारी पुलिस चौकी का थाने में उन्नयन, सिलतरा में नवीन थाना भवन और सिलयारी चौकी के भवन निर्माण की स्वीकृति के लिए उन्होंने क्षेत्र की जनता की ओर से उपमुख्यमंत्री का आभार प्रकट किया।और क्षेत्र की नई मांगों पर ध्यान आकर्षित किया की ग्राम गुमा (वि.खं. धरसींवा) में नई पुलिस चौकी की स्थापना। मलौद में नवीन पंचायत भवन का निर्माण। दोंदेखुर्द में नए पी.डी.एस. (राशन दुकान) भवन का निर्माण। अकोली (मांढर) में पूर्व माध्यमिक शाला से मुक्तिधाम तक पहुंच मार्ग। गोमची में काशीराम निषाद के घर से मुक्तिधाम तक पहुंच मार्ग का निर्माण।सोनतरा में ‘स्मार्ट पंचायत भवन’ का निर्माण।
श्रम, उद्योग एवं आबकारी विभाग: औद्योगिक विकास और जन सुरक्षा
श्रीं शर्मा ने कहा कि नई उद्योग नीति से प्रदेश में निवेश और रोजगार के नए अवसर खुले हैं। उन्होंने क्षेत्र की मांगों को सदन में रखते हुए कहा कि नगर पंचायत खरोरा के बीच स्थित देशी-विदेशी शराब भट्ठी को जनहित में शहर से बाहर स्थानांतरित करने की मांग की।सिलतरा और मांढर में ESI अस्पताल व औषधालय खोलने तथा धरसींवा में श्रम विभाग का कार्यालय स्थापित करने का प्रस्ताव रखा ताकि मजदूरों को भटकना न पड़े।क्षेत्रीय युवाओं के स्वरोजगार हेतु धरसींवा में फूड पार्क और खरोरा में मेटल एवं प्लास्टिक पार्क की स्थापना की मांग दोहराई।
स्वास्थ्य विभाग;
विधायक शर्मा ने धरसींवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को 50 बिस्तर में उन्नत करने के लिए आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही उन्होंने क्षेत्र में स्वास्थ्य नेटवर्क को मजबूत करने हेतु नए स्वास्थ्य केंद्रों की मांग की जिसमें पंडरभट्ठा, बुड़ेरा, मोहरेंगा, तिल्दाडीह और परसदा (क) में नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना। पिरदा और टांडा में नए उप स्वास्थ्य केंद्रों की मांग। नगर पंचायत खरोरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को 50 बिस्तर क्षमता और पूर्ण सेटअप के साथ अपग्रेड करने की आवश्यकता जताई। ग्राम फरहदा के आयुष्मान आरोग्य मंदिर में अहाता (बाउंड्री वॉल) निर्माण की मांग रखी।
ऊर्जा विभाग: विजन और मुख्य पहल
श्रीं शर्मा नें कहा कि राज्य सरकार का प्राथमिक लक्ष्य “24×7 निर्बाध बिजली आपूर्ति” सुनिश्चित करना है। इसके लिए एक समर्पित ‘विजन डॉक्यूमेंट’ तैयार किया गया है, जिसमें किसानों को राहत देने के लिए कृषि पंपों पर भारी सब्सिडी।घरेलू उपभोक्ता कों बिजली बिलों में कटौती के माध्यम से आर्थिक राहत।गरीब परिवार कों एकल बत्ती कनेक्शन के लिए विशेष अनुदान का प्रावधान।पीएम कुसुम योजना के तहत किसानों को सौर ऊर्जा से चलने वाले पंपों का वितरण। नए 33/11 के.वी. सब-स्टेशनों की स्थापना।पुराने पावर ट्रांसफार्मर की क्षमता में वृद्धि और नए ट्रांसफार्मर लगाना। मुख्यमंत्री विद्युत अधोसंरचना विकास योजना के तहत शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में बिजली नेटवर्क को मजबूत करना।
जल संसाधन विभाग: प्रमुख प्रस्तावित कार्य
उन्होंने कहा कि ऊर्जा के साथ-साथ जल प्रबंधन और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। रायपुर जिले और आसपास के क्षेत्रों के लिए निम्न कार्यों को बजट में शामिल किया गया है जिसमें
बरडीह जलाशय में नहर लाइनिंग एवं जीर्णोद्धार, खारून नदी (पठारीडीह ) में तटबंध निर्माण, खारून नदी (गोमची) में एनीकट निर्माण, ग्राम कुम्हारी (धरसींवा) 800 मीटर तटबंध निर्माण, टोर जलाशय में नहर लाइनिंग एवं जीर्णोद्धार कार्य, तर्रा स्टॉप डेम का जीर्णोद्धार कार्य, खारून नदी में सुरक्षित रिवर फ्रंट निर्माण (दोनों तटों पर)।
जल संसाधन: सुरक्षित सिंचाई और सीमांत किसानों का कल्याण
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जल प्रबंधन की दिशा में हो रहे कार्यों की प्रशंसा करते हुए विधायक श्री शर्मा ने कहा कि राज्य के 146 विकासखण्डों में से 120 विकासखण्ड अब सुरक्षित सिंचाई श्रेणी में आ चुके हैं। शेष क्षेत्रों के लिए दीर्घकालीन संतुलित योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं। वृष्टिछाया और सूखा प्रभावित क्षेत्रों में आधुनिक तकनीकी के माध्यम से जल उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। वृहद, मध्यम और लघु सिंचाई योजनाओं के विस्तार से नहरों के माध्यम से सीमांत किसानों तक पानी पहुँचाना सरकार की प्राथमिकता है।
खनिज संपदा: राजस्व में 25 वर्षों में 34 गुना की ऐतिहासिक वृद्धि
श्री शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध प्रदेश है, जहाँ वन, खनिज, जल और जमीन विकास के मुख्य आधार हैं। उन्होंने विभाग की उपलब्धियों कों बताया कि पिछले 25 वर्षों में खनिज राजस्व में 34 गुना की वृद्धि दर्ज की गई है, जो राज्य की आर्थिक मजबूती का प्रमाण है।खनन क्षेत्र राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) में लगभग 10 प्रतिशत का योगदान दे रहा है। देश के कुल खनिज उत्पादन में छत्तीसगढ़ की हिस्सेदारी 17 प्रतिशत है। खदानों की ई-निलामी और DMF पोर्टल के माध्यम से संचालन से कार्यों में पारदर्शिता आई है और प्रभावी निगरानी सुगम हुई है।
प्रेस/मीडिया से चर्चा करते हुए विधायक अनुज शर्मा नें कहा कि माननीय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार अंत्योदय के लक्ष्य के साथ काम कर रही है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि धरसींवा विधानसभा की इन मांगों को बजट में स्वीकृति मिलेगी, जिससे क्षेत्र के किसानों, मजदूरों और आम जनता के जीवन स्तर में सकारात्मक सुधार आएगा।




