लव मैरिज करने वाले हिंदू-मुस्लिम डॉक्टर की प्रेम कहानी: लव मैरिज के बाद 3 साल में 16 ठिकाने बदले; जानिए कट्‌टरपंथियों की करतूतें…

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दिव्यराज सिंह। रतलाम8 मिनट पहले

रतलाम में रह रहे डॉक्टर दंपती को धर्म की सीमाएं तोड़ प्यार और शादी करने की बड़ी कीमत चुकानी पड़ रही है। 2019 में शादी के बाद से मुस्लिम कट्टरपंथियों की धमकियों और अनजान लोगों के परेशान करने पर अब तक यह दंपती 12 से अधिक ठिकाने बदल चुके हैं।

ये लव स्टोरी है उज्जैन के रहने वाले डॉ. भरत शर्मा और डॉ. तबस्सुम शेख (अब डॉ. रानी शर्मा) की। दोनों उज्जैन में फिजियोथैरेपी की पढ़ाई के दौरान एक-दूसरे के नजदीक आए। दोनों ने 2019 में अपने परिवारों से बगावत कर दिल्ली जाकर कोर्ट मैरिज कर ली।

पढ़िए, इनकी कहानी, उन्हीं की जुबानी…

हम दोनों उज्जैन के रहने वाले हैं। वहीं के आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज में साथ पढ़े। फिजियोथैरेपी में क्लासमेट रहे। बात 2015 की है। ये हमारा फर्स्ट ईयर था और पहली मुलाकात भी। हम पहली ही नजर में एक-दूसरे को पसंद करने लगे थे। धीरे-धीरे बातों का सिलसिला शुरू हुआ। दोस्ती गहरी होती चली गई।

हमारे बीच प्रपोज जैसा कुछ नहीं हुआ, बस ये तय हो चुका था कि एक-दूसरे के बिना नहीं रह सकते, शादी करेंगे। जिस तरह से हमारा पेशा धर्म और जाति के बंधन को नहीं मानता, उसी तरह हम दोनों ने जिंदगी का सफर साथ गुजारने का फैसला कर लिया। पर, धर्म बड़ी बाधा थी। हम दोनों के पेरेंट्स राजी नहीं थे।

2019 में पढ़ाई पूरी करने के बाद हमने दिल्ली जाकर आर्य समाज के मंदिर और फिर कोर्ट में शादी कर ली। नोएडा शहर में ही अपनी नई दुनिया बसा ली। कट्टरपंथी विचारधारा के लोगों को हमारा प्यार रास नहीं आया। हमें सोशल मीडिया पर धमकी मिलने लगीं। घर के बाहर खड़े होकर अनजान लोग डराने लगे। एक बार तो मेरी पत्नी को अगवा करने की कोशिश की गई।

हम जान बचाने के लिए अपने ठिकाने बदलते हुए मध्यप्रदेश के सुवासरा, शाजापुर और फिर रतलाम में आकर बस गए। रतलाम और जावरा में हमारी कार का पीछा किया गया। अनजान लोगों ने कार के आगे अपनी कार लगा दी, हम किसी तरह बचकर भागे। इसी बीच हम दोनों की जिंदगी में बेटा कृष्णा आ गया। हम डर को भुलाकर बेहद खुश थे, लेकिन एक बार फिर धमकाने का सिलसिला शुरू हो गया।

परेशान होकर पुलिस से सुरक्षा की मांग की। प्रदेश के गृहमंत्री से भी मदद मांगी। मई 2022 में आत्मरक्षा के लिए हथियार का आवेदन भी किया था, लेकिन अब तक उस आवेदन पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, तब जाकर हाईकोर्ट के आदेश पर रतलाम पुलिस ने सशस्त्र सुरक्षा गार्ड उपलब्ध करवाया है।

(जैसा डॉक्टर दंपती ने भास्कर को बताया।)

गार्ड तो मिल गया, खर्च को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं…
हाईकोर्ट के इस दंपती को सशस्त्र सुरक्षा गार्ड जरूर मिल गया है, लेकिन सुरक्षा गार्ड के खर्च को लेकर इस दंपती को कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। दंपती ने राज्य सुरक्षा समिति से उनकी सुरक्षा के बारे में निर्णय लेने और निशुल्क सुरक्षा लंबे समय तक उपलब्ध करवाए जाने की मांग की है।

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