रिनोवेशन के बाद भव्य रूप में नजर आ रहा राजवाड़ा: 200 साल पुराने शाही महल के जलने से लेकर फिर संवरने की पूरी कहानी

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देवेन्द्र मीणा31 मिनट पहले
इंदौर के दिल राजवाड़ा के रिनोवेशन का काम चार सालों से चल रहा है। इसके आगे के हिस्से का काम पूरा हो चुका है, जिसके बाद यहां सपोर्ट के लिए लगे लोहे के पाईप अब हटा लिए गए हैं और लोगों को राजवाड़ा अपने पुराने भव्य स्वरूप में दिखाई दे रहा है। फिलहाल अंदर वाले हिस्से में प्रोटेक्टिव कोटिंग का काम जारी है। 4 नवंबर तक इसे भी पूरा करने की बात अफसरों ने कही है कोटिंग इसलिए की जा रही है ताकि पानी, दीमक, काई आदि से बचाव हो सके। सपोर्ट के लिए अभी भी पीछे के हिस्से में लोहे के पाईप लगे हैं, जिन्हें जल्द ही हटा लिया जाएगा। आइए जानते हैं 200 साल पुराने राजवाड़े के 35 साल पहले जलने से लेकर फिर संवरने तक की कहानी…



होलकर शासकों की भव्यता का प्रमाण राजवाड़ा
राजवाड़ा महल पर्यटन के लिहाज से प्रमुख आकर्षणों में से एक है। यह होलकर राजवंश के शासकों की ऐतिहासिक हवेली है। महल का निर्माण 200 साल पहले हुआ था और आज तक यह महल पर्यटकों के लिए एक विशेष आकर्षण रखता है। महल की वास्तुकला, फ्रैंच, मराठा और मुगल शैली के कई रूपों व वास्तु शैलियों का मिश्रण है। महल का प्रवेश बेहद सुंदर व भव्य है। बड़ी-बड़ी खिड़कियां, बालकनी और गलियारे, होलकर शासकों और उनकी भव्यता का प्रमाण है।

अलग-अलग राज्यों से बुलाई लेबर
रिनोवेशन के काम के लिए अलग-अलग राज्यों से लेबर बुलाई गई।लकड़ी स्ट्रक्चर वाले हिस्से का काम पंजाब से आई टीम ने किया।बंगाल से भी कारपेंटर बुलाए गए।झारखंड व बिहार की लेबर भी रही।दिन और रात के समय अलग-अलग टीमें लगाई गई थी।एक समय पर सौ लेबर तक ने काम किया।बाहर से लेबर लाने के पीछे वजह काम की विशेषज्ञता के साथ ही ज्यादा समय तक काम करना भी था।स्थानीय लेबर देर शाम काम करने से मना कर देती है।पूरी इमारत भूकंप रोधी व वाटर प्रूफ है।

पहले था पेंट अब सागवान के गेट पर होगी पॉलिश
अधीक्षण यंत्री डीआर लोधी ने बताया कि पहले सागवान की लकड़ी से बने मेन गेट पर पेंट कर रखा था लेकिन अब उस पर पॉलिश की जाएगी।इसके जरिए गेट पर बारिश का असर भी कम होगा और वह नेचुरल लुक में भी नजर आएगा।

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