रायपुर में कला प्रदर्शनी: ‘बाएँ हाथ का खेल’ में दिखाया गया मैला ढोने वालों की त्रासदी

रायपुर, 22 अगस्त 2025: रायपुर में एक अनोखी कला प्रदर्शनी ‘बाएँ हाथ का खेल’ शुरू हुई है, जिसमें कलाकार सर्वज्ञ जे. नायर ने मैला ढोने वालों की त्रासदी को सामने रखा है। यह प्रदर्शनी कॉन्फ्लिक्टोरियम में 31 अगस्त तक चलेगी।

इस प्रदर्शनी में सर्वज्ञ जे. नायर ने मैला ढोने वालों के जीवन की त्रासदी को सामने रखा है — उन लोगों की कहानी जो समाज के सबसे गंदे काम करने को बाध्य हैं, लेकिन जिन्हें सम्मान या मान्यता नहीं मिलती। जली हुई रोटियाँ, घिसे हुए जूते, झाड़ू, मिट्टी और संविधान के टुकड़े जैसे तत्वों के माध्यम से यह कृति जातिगत हिंसा, सामाजिक बहिष्कार और मौन सहनशीलता को उजागर करती है।

सर्वज्ञ जे. नायर भिलाई, छत्तीसगढ़ के एक प्रतिष्ठित अंतर्विषयी (इंटरडिसिप्लिनरी) कलाकार हैं। उन्होंने अपनी बी.एफ.ए. की पढ़ाई इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ से 2019 में पूरी की और 2024 में सरोजिनी नायडू स्कूल ऑफ आर्ट एंड कम्युनिकेशन, हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी से एम.एफ.ए. किया। उनकी कलाकृतियाँ पहचान और राजनीति जैसे मुद्दों को गहराई से टटोलती हैं, विशेष रूप से उन हाशिए पर पड़े समुदायों की ओर ध्यान खींचती हैं जो झाड़ू लगाने और मैला ढोने जैसे अपमानजनक कार्यों में मजबूरी से लगे हुए हैं।

इस प्रदर्शनी में सामान्य वस्तुओं को इस तरह प्रस्तुत किया गया है कि वे जीवित स्मृतियाँ बन जाएँ — संघर्ष और अस्तित्व की गवाही देती हुईं। यह कला न केवल दृश्य अनुभव है, बल्कि एक प्रतिरोध है — अदृश्य कर दिए गए श्रमिकों की याद और कानून द्वारा भुला दिए गए लोगों की आवाज़ कि।
प्रदर्शनी का आयोजन कॉन्फ्लिक्टोरियम में किया गया है, जो एक अनोखा कला और संस्कृति केंद्र है। यह प्रदर्शनी 31 अगस्त तक चलेगी और सोमवार को बंद रहेगी। प्रदर्शनी का समय सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक है।
इस प्रदर्शनी को देखने के लिए कला प्रेमी और सामाजिक कार्यकर्ता पहुँच रहे हैं। प्रदर्शनी को देखकर लोगों ने कहा कि यह एक अनोखी और प्रभावशाली प्रदर्शनी है, जो समाज के हाशिए पर पड़े लोगों की आवाज़ को उठाती है।
कलाकार: सर्वज्ञ जे. नायर
पता: कॉन्फ्लिक्टोरियम, 35/1237, पंजाबी कॉलोनी चौक रोड, जनता कॉलोनी, रायपुर,मो. +91 80199 23493, छत्तीसगढ़ 492001