Chhattisgarh

रायगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई: अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड गैंग के 5 आरोपी गिरफ्तार, एनजीओ कार्यकर्ता के खाते से 2.17 करोड़ का ट्रांजेक्शन

रायगढ़, 16 मार्च। जिले की साइबर पुलिस ने करोड़ों रुपये के अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड मामले का खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर एक महिला एनजीओ कार्यकर्ता को CSR फंड दिलाने का झांसा देकर उसके बैंक खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी के लिए करने का आरोप है। पुलिस जांच में महिला के खाते से करीब 2.17 करोड़ रुपये का संदिग्ध ट्रांजेक्शन सामने आया है, जबकि देशभर में इस खाते से जुड़ी 44 साइबर फ्रॉड शिकायतें दर्ज पाई गई हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में साइबर पुलिस थाना रायगढ़ की टीम ने कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय साइबर ठगी से जुड़े गिरोह के पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार आरोपी टेलीग्राम के माध्यम से सक्रिय साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़े थे और विभिन्न राज्यों में सक्रिय ठग गिरोहों को कॉरपोरेट बैंक खाते उपलब्ध कराने का काम करते थे। इसके बदले उन्हें ठगी की रकम का 5 से 15 प्रतिशत तक कमीशन मिलता था।

CSR फंड के नाम पर दिया झांसा

पुलिस के अनुसार इंदिरानगर रायगढ़ निवासी सामाजिक कार्यकर्ता आयशा परवीन ने 12 मार्च को साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2025 में उनके परिचितों के माध्यम से अभय यादव और विजय चंद्रा से उनकी पहचान हुई। आरोपियों ने बताया कि एक कंपनी CSR मद से सामाजिक कार्यों के लिए अनुदान देना चाहती है। इसी बहाने उनके संस्थान के दस्तावेज लेकर उनके नाम से एक्सिस बैंक में खाता खुलवाया गया

इसके बाद आरोपियों ने महिला और उसके पति को नौकरी और अनुदान राशि दिलाने के बहाने गुवाहाटी बुलाया। वहां होटल में ठहराने के बाद कुछ अज्ञात लोगों ने उनके मोबाइल में APK फाइल डाउनलोड कराई और बैंक खाते की जानकारी हासिल कर ली। आरोपियों ने करीब एक सप्ताह तक महिला को वहीं रोककर उसके खाते से कई संदिग्ध ट्रांजेक्शन किए और फिर वापस भेज दिया।

बैंक से मिली जानकारी के बाद खुलासा

रायगढ़ लौटने के बाद महिला को बैंक से कॉल आया कि उसके खाते में संदिग्ध लेनदेन हो रहे हैं। बाद में देश के अलग-अलग राज्यों से ईमेल मिलने लगे, जिनमें साइबर ठगी से जुड़ी रकम उसके खाते में जमा होने की जानकारी दी गई। जांच में पता चला कि 29 दिसंबर 2025 से ही खाते में संदिग्ध लेनदेन शुरू हो गए थे

टेलीग्राम ग्रुप से चलता था नेटवर्क

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी टेलीग्राम ग्रुप के जरिए बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़े थे। वे विभिन्न राज्यों के साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराते थे, जिनका उपयोग ठगी की रकम ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था। पूछताछ में आरोपियों ने 25 से 30 बैंक खाते अलग-अलग राज्यों में उपलब्ध कराने की बात भी कबूल की है।

ये आरोपी हुए गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में मितेश सोनी (भिलाई-3), विजय चंद्रा (जिला सक्ती), अजय साहू (रायगढ़), अभय यादव (रायगढ़) और सचिन चौहान (रायगढ़) को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 6 मोबाइल फोन और एक लैपटॉप जब्त किया गया है।

साइबर थाना खुलने से जांच में तेजी

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि रायगढ़ में साइबर थाना शुरू होने से साइबर अपराधों की जांच में तेजी आई है और ऐसे गिरोहों के नेटवर्क का लगातार पर्दाफाश किया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक, ऐप या लालच देने वाले ऑफर से सावधान रहें और संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।

पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर पूरे अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हुई है।

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