रशियन हॉस्टल के समीप लोहे का पुल काटकर चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश

कोरबा। रशियन हॉस्टल के समीप नहर पर स्थित लोहे के पुल की रेलिंग काटकर चोरी करने वाले गिरोह का कोरबा पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी में प्रयुक्त टाटा एस (छोटा हाथी) वाहन, स्प्लेंडर मोटरसाइकिल, गैस कटर मशीन, ऑक्सीजन एवं एलपीजी सिलेंडर, मोबाइल फोन, ₹6,000 नगद राशि तथा लगभग 5 टन कटी हुई लोहे की रेलिंग बरामद की है।
इस संबंध में प्रार्थी द्वारा चौकी सीएसईबी, थाना सिविल लाइन रामपुर में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी कि 17 जनवरी 2026 की दरमियानी रात अज्ञात चोरों ने रशियन हॉस्टल के समीप नहर पुल में लगी लोहे की रेलिंग को गैस कटर से काटकर चोरी कर लिया। शिकायत पर अपराध क्रमांक 53/2026 अंतर्गत धारा 303(2), 112(2), 317(2)(4) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।
घटना की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए पुलिस अधीक्षक कोरबा सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले एवं नगर पुलिस अधीक्षक प्रतीक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसमें साइबर सेल कोरबा एवं चौकी सीएसईबी पुलिस को शामिल किया गया।
पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्य, मुखबिर तंत्र एवं सतत पतासाजी के आधार पर घटना में संलिप्त कुल 15 आरोपियों की पहचान की। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान उन्होंने गैस कटर की सहायता से पुल की लोहे की रेलिंग काटकर चोरी करना स्वीकार किया। आरोपियों की निशानदेही पर भारी मात्रा में कटी हुई लोहे की रेलिंग बरामद की गई।
गिरफ्तार आरोपियों में लोचन केवट (20 वर्ष), जयसिंह राजपूत (23 वर्ष), मोती प्रजापति (27 वर्ष), सुमित साहू (19 वर्ष) तथा केशवपुरी गोस्वामी उर्फ पिच्चर (22 वर्ष) शामिल हैं। सभी आरोपी चौकी सीएसईबी, थाना सिविल लाइन रामपुर, जिला कोरबा के निवासी हैं। सभी आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत करते हुए न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस द्वारा अन्य फरार आरोपियों की तलाश लगातार की जा रही है, जिन्हें शीघ्र गिरफ्तार कर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई में साइबर सेल कोरबा एवं चौकी सीएसईबी पुलिस की भूमिका सराहनीय रही। कोरबा पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि सार्वजनिक संपत्ति को क्षति पहुंचाने अथवा चोरी से संबंधित किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।









