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कोरबा में लू का खतरा बढ़ा, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी; जानिए बचाव के जरूरी उपाय

कोरबा, 02 अप्रैल 2026। जिले में लगातार बढ़ती गर्मी और बदलते मौसम के बीच स्वास्थ्य विभाग ने लू (हीट स्ट्रोक) से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की है। कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में जारी इस निर्देश में आम नागरिकों से सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां अपनाने की अपील की गई है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के अनुसार, ग्रीष्मकाल की शुरुआत के साथ ही तेज धूप और गर्म हवाओं का प्रभाव बढ़ गया है, जिससे लू लगने का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है। अधिक तापमान के कारण शरीर में पानी और खनिज लवणों की कमी हो जाती है, जिससे व्यक्ति निर्जलीकरण का शिकार हो सकता है। समय पर इलाज नहीं मिलने पर यह स्थिति गंभीर और जानलेवा भी साबित हो सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि बाहर काम करने वाले लोग, किसान, मजदूर, ऑफिस जाने वाले कर्मचारी और बाजार में आने-जाने वाले लोग अक्सर पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पी पाते, जिससे उनके स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ता है।

लू से बचाव के लिए घर से बाहर निकलते समय हल्के रंग के सूती कपड़े पहनना चाहिए और निकलने से पहले पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है। सिर, गर्दन और कान को कपड़े या गमछे से ढककर रखना चाहिए, साथ ही छतरी और धूप का चश्मा उपयोग करना चाहिए। गर्मी के दिनों में ज्यादा से ज्यादा पानी और तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए तथा बिना जरूरी काम के तेज धूप में निकलने से बचना चाहिए।

बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी है। उन्हें समय-समय पर पानी पीने के लिए प्रेरित करें और हल्का एवं सुपाच्य भोजन दें। घर के अंदर ठंडा वातावरण बनाए रखने का प्रयास करें और तेज धूप के दौरान भारी काम या व्यायाम करने से बचें। नंगे पैर धूप में चलना भी नुकसानदायक हो सकता है।

लू लगने पर व्यक्ति में सिरदर्द, बुखार, उल्टी, चक्कर आना, बेहोशी, सांस फूलना, दिल की धड़कन तेज होना, कमजोरी और शरीर में ऐंठन जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। त्वचा लाल और सूखी हो सकती है, जो गंभीर स्थिति का संकेत है।

यदि किसी व्यक्ति को लू लग जाए तो उसे तुरंत छायादार स्थान पर लिटाकर शरीर को ठंडा करने का प्रयास करना चाहिए। गीले कपड़े से शरीर पोंछें और हवा करें। यदि मरीज बेहोश है तो उसे कुछ भी खाने-पीने को न दें और तुरंत अस्पताल पहुंचाएं। होश में होने पर ओआरएस घोल, ठंडे पेय पदार्थ या कच्चे आम का पना दिया जा सकता है। शरीर का तापमान कम करने के लिए ठंडे पानी की पट्टियां रखना भी लाभकारी होता है।

स्वास्थ्य विभाग ने जानकारी दी है कि जिले के मेडिकल कॉलेज, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और शहरी स्वास्थ्य केंद्रों में लू से बचाव के लिए आवश्यक दवाइयों और ओआरएस की पर्याप्त व्यवस्था कर ली गई है।

कलेक्टर कुणाल दुदावत और स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे गर्मी के मौसम में लापरवाही न बरतें और एडवाइजरी का पालन कर स्वयं एवं अपने परिवार को सुरक्षित रखें।

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