मंदसौर में छोड़फाड़ की अनोखी परंपरा: महिषासुर माता के रूप में गाय, चमड़े के रूप में राक्षस का करती है वध, हजारों लोग पहुंचे

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मंदसौर35 मिनट पहले
मंदसौर जिले के शामगढ़ में गोवर्धन पूजा के बाद छोड़ फाड की अनोखी परम्पारा निभाई जाती है। चंद्र वंशीय खाती समाज के लोग गाय को महिषासुर मर्दिनी माता और चमड़े से बने फड़ को महिषासुर राक्षस के रूप में देखते है। गाय के सींग द्वारा चमड़े के फाड़ने पर माना जाता है की माँ महिषासुर मर्दिनी माता ने महिषासुर राक्षस का वध किया है। समाज के लोगो का मानना है की राक्षश के रूप में चमड़े के फट जाने पर राक्षस का अंत हो जाता है और गाँव के साथ समाज के लोगो पर कोई विपदा नहीं आती। शामगढ़ के चंद्र वंशीय खाती समाज इस परम्परा को बरसो से निभा रहा है। बुधवार को पूजन के बाद कार्यक्रम शुरू हुआ । आयोजन में गाय के छोड़ फाड़ने वाली गाय के मालिक को।इनमे वित्तरन भी किया गया । बुधवार को हुए आयोजन में पार्षद दीपक जांगड़े की गाय ने छोड़ फाडा जिन्हें समिति 11 हजार 300 रुपये इनाम दिया ।समिति के सदस्य भेरूलाल जामलिया, सोनू खाती पटेल को 500- 500 रुपए दिए गए एवं छोड को बनाने वाले गोपाल मेहर को 200 रुपये दिए गए ।
इस तरह होता है आयोजन
समाज के लोगो के अनुसार जूनी शामगढ़ स्थित खाती मोहल्ले में चंद्रवंशीय खाती समाज द्वारा गोवर्धन पूजा पर हर साल को छोड़ फाड़ने का कार्यक्रम योजित किया जता है । इसमें गाय के सींग से चमड़े को फड़वाया जाता है । ये मान्यता बरसो से चली आ रही है बिना किसी बाधा के गायो छोड़ फाड़ देती है तो पूरा साल अच्छा निकलता है। छोड़ फाड़ के इस आयोजन समाज के पंचों की टोली प्रमुख मार्गो से होते हुए आयोजन स्थल तक पहुंची है । पंचों द्वारा गायो और छोड़ के पूजन के बाद छोड़ फाड़ने का कार्यक्रम शुरू होता है। आयोजन में करीब 50 से 100 गाये होती है। इसके बाद गाय के सींग से चमड़े को फड़वाने की मशक्क्त होती है। अंत में जो गाय चमड़े को फाड़ देती है आयोजनकर्ताओं द्वारा इनाम राशि भी दी जाती है।

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