इंदौर से आई सिंहनी गंगा को नहीं भाया अकेलापन: क्वारेंटाइन 21 की बजाय 14 दिन में ही खत्म; दोस्ती कराने नंदी और सत्या के बगल

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भोपाल2 मिनट पहले
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वन विहार नेशनल पार्क में इंदौर से आई गंगा को सिंह बाड़े के पास वाले बाड़े में छोड़ा गया है।
वन विहार नेशनल पार्क में इंदौर से आई गंगा को सिंह बाड़े के पास वाले बाड़े में छोड़ा गया है। इससे पहले इसे 14 दिन क्वारेंटाइन किया गया था। प्रबंधन का कहना है कि गंगा चिड़ियाघर में पैदा हुई, इसलिए यह इंसानों को देखकर आक्रामक नहीं हो रही है।
यही कारण है कि इसे वन विहार में पहले से मौजूद मादा सिंह नंदी और सिंह सत्या के नजदीक के बाड़े में छोड़ा है। ये पहला मौका है, जब बाहर से आए किसी वन्य प्राणी को इतनी जल्दी बाड़े में छोड़ा गया है। फिलहाल वन विहार में तीन सिंह हैं, जिनमें दो मादा सिंह और एक नर शामिल है।
सत्या और नंदी एक ही मां की संतान हैं। इनकी ब्रीडिंग में आनुवांशिक बीमारियों का खतरा है। वन विहार प्रबंधन का मानना है कि मादा सिंह गंगा और नर सिंह सत्या से इनका कुनबा बढ़ेगा। वहीं नंदी के लिए अब भी नर सिंह की तलाश की जा रही है। इसके लिए भी केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण को पत्र लिखा है।
गंगा के बाद प्रदेश से दो सिंह और जाएंगे इंदौर जू से बाहर
इंदौर चिड़ियाघर के प्रभारी उत्तम सिंह ने बताया कि वे बिलासपुर चिड़ियाघर से सिंह का एक जोड़ा लेकर आए थे। वहीं, एक नर सिंह हरियाणा चिड़ियाघर से लाए थे। हरियाणा से आए सिंह से वर्ष 2015 से अब तक 16 सिंह पैदा हो चुके हैं। अब एक-एक नर सिंह कर्नाटक और हरियाणा भेजे जा रहे है।
इसलिए लिया फैसला – नाराज हो गई थी; दिखने लगा था तनाव
वन विहार प्रबंधन के मुताबिक इंदौर में ग्रुप में रहने के कारण उसे क्वारेंटाइन में अकेले रहने पर वह नाराज दिखाई देने लगी थी। केयर टेकर को देखकर उछलकर सामने आते थी। बाद में वह गुर्राने लगी। उसके बदल रहे इस व्यवहार को देखकर क्वारेंटाइन पीरियड 21 दिन की बजाय सिर्फ 14 दिन में ही खत्म करना पड़ा।
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