SECL बैकुंठपुर क्षेत्र में वार्षिक कोयला खान सुरक्षा पखवाड़ा–2025 का भव्य समापन, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मी व टीमें सम्मानित

बैकुंठपुर। एसईसीएल बैकुंठपुर क्षेत्र में वार्षिक कोयला खान सुरक्षा पखवाड़ा–2025 का समापन-सह-पुरस्कार वितरण समारोह 18 जनवरी 2026 को भव्य एवं गरिमामय वातावरण में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर खनन क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर किए जा रहे प्रयासों, नवाचारों और उपलब्धियों को साझा किया गया तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और टीमों को सम्मानित किया गया।

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उज्ज्वल ता, महानिदेशक, खान सुरक्षा महानिदेशालय (DGMS) उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन ने की। वहीं रामावतार मीना, उप-महानिदेशक, खान सुरक्षा महानिदेशालय, पश्चिमी अंचल विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

कार्यक्रम में एन. फ्रैंकलिन जयकुमार, निदेशक (तकनीकी–संचालन), रमेश चंद्र महापात्र, निदेशक (तकनीकी–योजना/परियोजना) सहित खान सुरक्षा महानिदेशालय के वरिष्ठ अधिकारी आफताब अहमद, टी. श्रीनिवासन, आनंद अग्रवाल, बी. सटियार, श्रीनिवास चिर्रा, मनीष जायसवाल, आर. के. सिंह, मुकेश कुमार सिन्हा, ए. पोथुराजा, विजय कुमार, रूपेश श्रीवास्तव, राहुल सेंगर, बी. बेहरा, अनिल जैन की उपस्थिति रही। इसके अलावा एसईसीएल संचालन समिति, सुरक्षा समिति के सदस्यगण एवं श्रम संघ प्रतिनिधि भी समारोह में शामिल हुए।

समारोह के दौरान एसईसीएल के विभिन्न क्षेत्रों, निजी खनन कंपनियों और मशीन निर्माताओं द्वारा सुरक्षा आधारित स्टॉल एवं प्रदर्शनी लगाई गई। इन प्रदर्शनों में आधुनिक खनन तकनीक, उन्नत सुरक्षा उपकरणों तथा सुरक्षित कार्य पद्धतियों का प्रदर्शन किया गया, जिसे उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने सराहा। मंचासीन अतिथियों द्वारा माननीय कोयला मंत्री के संदेश के साथ ‘सुरक्षा स्मारिका’ का विमोचन भी किया गया।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण मुख्य अतिथि उज्ज्वल ता के करकमलों से सुरक्षा पर आधारित एक सेफ्टी जिंगल का विमोचन रहा, जिसके माध्यम से खदानों में कार्यरत कर्मियों को सरल और प्रभावी तरीके से सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया गया।
समारोह के अंत में खान सुरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मियों एवं टीमों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए पुरस्कार प्रदान किए गए। वार्षिक कोयला खान सुरक्षा पखवाड़ा–2025 के अंतर्गत कुल 65 खानों ने सहभागिता की, जिनमें 54 एसईसीएल और 11 गैर-एसईसीएल खदानें शामिल रहीं। सभी खानों को भूमिगत और खुली खदान श्रेणियों में विभाजित कर उत्पादन क्षमता के आधार पर उप-समूहों में वर्गीकृत किया गया। इस वर्ष कुल 10 श्रेणियों में पुरस्कार निर्धारित किए गए, वहीं पहली बार ‘नियर-मिस इंसीडेंट्स’ की रिकॉर्डिंग को भी पुरस्कार श्रेणी में शामिल किया गया, जिससे संभावित दुर्घटनाओं की पूर्व पहचान और रोकथाम को बढ़ावा मिला।
इस दौरान सुरक्षा के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां सामने आईं। घातक दुर्घटनाओं में लगभग 25 प्रतिशत तथा गंभीर चोटों में 50 प्रतिशत से अधिक की कमी दर्ज की गई। मेगा खदानों में भूमि अधिग्रहण और कब्जा प्राप्ति में उल्लेखनीय प्रगति हुई, जिससे बेहतर बेंच प्रोफाइल का विकास संभव हुआ। वैधानिक मानवबल की मजबूती के लिए 349 माइनिंग सरदारों की भर्ती की गई। रेल मार्ग से कोयला डिस्पैच को मजबूत करने के लिए एफएमसी परियोजनाओं की स्थापना की गई। मैनराइडिंग सिस्टम के लिए चार इकाइयों की आपूर्ति का आदेश जारी किया गया, जबकि छह इकाइयां निविदा प्रक्रिया में हैं।
ब्लास्ट-फ्री तकनीक को बढ़ावा देते हुए खुली खदानों में 51 सरफेस माइनर और भूमिगत खदानों में 22 कंटीन्यूअस माइनर की तैनाती की गई है, वहीं भविष्य में 42 अतिरिक्त मशीनें लगाने की योजना है। मेगा खुली खदानों में नौ वर्षों से अधिक अवधि के दीर्घकालिक ठेके दिए गए हैं, जिससे ठेकेदारों को सुरक्षा सुविधाओं में निवेश के लिए प्रोत्साहन मिला है। डिजिटल हस्तक्षेप के माध्यम से मानसून एक्शन प्लान तैयार कर ड्रेनेज पैटर्न का वैज्ञानिक विश्लेषण किया गया। साथ ही आईसीसीसी (इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर) के माध्यम से 13 क्षेत्रों की 832 लाइव वीडियो फीड के जरिए सतत निगरानी की जा रही है।
इसके अतिरिक्त मेगा खदानों में सभी महत्वपूर्ण गतिविधियों का डिजिटलीकरण किया गया है, जो कुल उत्पादन का लगभग 70 प्रतिशत योगदान देती हैं। दैनिक निरीक्षण और रिपोर्टिंग प्रणाली लागू की गई है, जिससे असुरक्षित कृत्यों और परिस्थितियों की त्वरित पहचान संभव हुई है। खान अधिनियम के तहत ठेकेदारों की जवाबदेही सुनिश्चित की जा रही है। दुर्घटनाओं के मूल कारणों के विश्लेषण के आधार पर सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं और आईआईटी (आईएसएम) के प्रो. आर. एम. भट्टाचार्य के सहयोग से सेफ्टी मैनेजमेंट प्लान का प्रशिक्षण और पुनरीक्षण किया गया है। साथ ही सुरक्षा संदेशों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए दो ‘सुरक्षा रथ’ के माध्यम से एसईसीएल की सभी खानों में सुरक्षा वीडियो का प्रसारण किया जा रहा है।
समारोह में वक्ताओं ने कहा कि सुरक्षा केवल नियमों तक सीमित न रहकर कार्य संस्कृति का हिस्सा बने, तभी खनन उद्योग में दुर्घटनाओं को न्यूनतम स्तर तक लाया जा सकता है।










