Chhattisgarh

कोरबा में सपना चौधरी शो के बाद विवाद गहराया, जश्न रिसॉर्ट को पीपीएल का 50 लाख का नोटिस

कोरबा। हरियाणवी डांसर सपना चौधरी का कोरबा में आयोजित म्यूजिकल कार्यक्रम भले ही संपन्न हो गया हो, लेकिन कार्यक्रम के बाद उपजे विवादों ने शहर के सौहार्दपूर्ण माहौल को प्रभावित कर दिया है। आयोजन से जुड़े पक्षों और सपना चौधरी एंड ग्रुप के बीच हुए विवाद, रिसॉर्ट में तोड़फोड़, जान से खतरे की शिकायत और दोनों पक्षों द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर के बाद मामला अब कॉपीराइट उल्लंघन तक पहुंच गया है।

इसी कड़ी में जश्न रिसॉर्ट को फॉनोग्राफिक परफॉर्मेंस लिमिटेड (पीपीएल) की ओर से 50 लाख रुपये हर्जाने का कानूनी नोटिस भेजा गया है। नोटिस कथित कॉपीराइट उल्लंघन के आरोपों पर आधारित बताया जा रहा है।

पीपीएल का आरोप : बिना लाइसेंस संगीत का उपयोग

पीपीएल का कहना है कि 12 अक्टूबर 2025 को प्रस्तावित “सपना चौधरी म्यूजिकल इवेंट” से पूर्व ही जश्न रिसॉर्ट को लिखित रूप से सूचित किया गया था कि किसी भी कॉपीराइटेड संगीत के सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए वैध लाइसेंस लेना अनिवार्य है। इसके बावजूद 6 अक्टूबर को भेजे गए Apprehension Notice और 10 नवंबर को जारी Final Legal Notice के बाद भी लाइसेंस नहीं लिया गया।

पीपीएल के अनुसार रिसॉर्ट परिसर में बिना अनुमति संगीत का प्रसारण होने दिया गया, जो कॉपीराइट कानून का सीधा उल्लंघन है। कानून के तहत किसी भी स्थल संचालक द्वारा बिना लाइसेंस संगीत प्रदर्शन के लिए परिसर उपलब्ध कराना भी उल्लंघन की श्रेणी में आता है। आयोजकों पर जिम्मेदारी डालकर स्थल संचालक अपनी कानूनी जवाबदेही से मुक्त नहीं हो सकता। इसी आधार पर पीपीएल ने 50 लाख रुपये क्षतिपूर्ति की मांग की है।

जश्न रिसॉर्ट की सफाई, आरोप निराधार

जश्न रिसॉर्ट की ओर से अधिवक्ता बलराम तिवारी ने अपने पक्षकार करनदीप सिंह धोत, सतगुरु हॉस्पिटैलिटी के पार्टनर, की ओर से पीपीएल के नोटिस का जवाब भेजा है। जवाब में आरोपों को झूठा, अतिरंजित और भ्रामक बताते हुए पूरी तरह खारिज किया गया है।

जवाब में कहा गया है कि यह नोटिस रिसॉर्ट और उसके संचालक की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से जारी किया गया है। जश्न रिसॉर्ट एक प्रतिष्ठित आतिथ्य सेवा प्रदाता है और उसने हमेशा वैध, पारदर्शी और पेशेवर तरीके से अपना व्यवसाय संचालित किया है। कार्यक्रम पार्टियों के बीच तय शर्तों के अनुसार आयोजित किया गया और रिसॉर्ट की ओर से सभी सेवाएं विधिवत प्रदान की गईं।

आयोजकों की लापरवाही का शिकार है संचालक

रिसॉर्ट प्रबंधन का कहना है कि वह आयोजकों द्वारा किए गए कथित गैरकानूनी कृत्यों का शिकार है। आयोजकों और उनके सहयोगियों ने लापरवाह व गैर-जिम्मेदार रवैया अपनाते हुए रिसॉर्ट परिसर में तोड़फोड़ की, जिससे संपत्ति को नुकसान, व्यापार में व्यवधान और मानसिक उत्पीड़न हुआ। ऐसे में वास्तविक दोषियों से ध्यान हटाकर संचालक को जिम्मेदार ठहराने का प्रयास भ्रामक और अनुचित है।

रिकॉर्डिंग या प्रसारण में कोई भूमिका नहीं

जवाब में यह भी स्पष्ट किया गया है कि संचालक या उसके कर्मचारियों ने किसी भी प्रकार से संगीत, दृश्य सामग्री या किसी मालिकाना सामग्री की रिकॉर्डिंग, पुन: प्रसारण या अधिकृत उपयोग नहीं किया है। रिसॉर्ट किसी भी कार्यक्रम की रिकॉर्डिंग तब तक नहीं करता, जब तक इसके लिए लिखित सहमति न हो, जो इस मामले में मौजूद नहीं है। यदि कोई रिकॉर्डिंग हुई भी है, तो वह आयोजकों या किसी तीसरे पक्ष द्वारा संचालक की जानकारी और सहमति के बिना की गई होगी।

पूरी जिम्मेदारी आयोजकों की

रिसॉर्ट प्रबंधन ने कहा है कि आयोजन का संचालन, भीड़ प्रबंधन, अनुमतियां, सामग्री का उपयोग और कानूनों का अनुपालन पूरी तरह आयोजकों की जिम्मेदारी थी। संचालक ने केवल सहमत शर्तों पर स्थल उपलब्ध कराया था और आयोजकों की किसी भी चूक या गैरकानूनी कृत्य के लिए उसे उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता।

मानहानि की कार्रवाई की चेतावनी

जवाब में यह भी उल्लेख किया गया है कि पीपीएल ने उन आयोजकों को कभी नोटिस जारी नहीं किया, जो कथित तौर पर पूरे आयोजन के लिए जिम्मेदार थे। इसके बावजूद संचालक को नोटिस जारी करना गलत और कानूनी रूप से अस्थिर है। नोटिस में लगाए गए आरोपों को मानहानिकारक बताते हुए कहा गया है कि इससे रिसॉर्ट की प्रतिष्ठा को गंभीर क्षति पहुंची है। ऐसे में संचालक ने भविष्य में उचित कानूनी कार्रवाई का अधिकार सुरक्षित रखा है।

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