भारत विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर महाविद्यालय में कार्यक्रम आयोजित

जामुल, 14 अगस्त 2026। डॉ. मनराखन लाल साहू शासकीय महाविद्यालय,जामुल में आज भारत विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य वर्ष 1947 के भारत विभाजन के दौरान विस्थापन, हिंसा एवं पीड़ा का सामना करने वाले लोगों को स्मरण करना तथा विद्यार्थियों में राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव और मानवीय संवेदनाओं की भावना विकसित करना था।
इसके पश्चात विभाजन के दौरान दिवंगत हुए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आर.एस. सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विभाजन भारतीय इतिहास की एक अत्यंत पीड़ादायक घटना थी। हमें इसके कारणों और परिणामों से सीख लेते हुए समाज में आपसी भाईचारा, सहिष्णुता और सद्भाव बनाए रखने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि इतिहास को याद करने का उद्देश्य किसी के प्रति द्वेष उत्पन्न करना नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी मानवीय त्रासदी की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जागरूकता पैदा करना है।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने विभाजन की विभीषिका, विस्थापित परिवारों की पीड़ा तथा राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता से संबंधित विचार प्रस्तुत किए। जन भागीदारी समिति के अध्यक्ष यशवंत सिंह ठाकुर ने विद्यार्थियों को देश की विविधता में एकता, सामाजिक समरसता और मानवता के मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थितजनों ने राष्ट्रीय एकता, अखंडता, शांति, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव को बनाए रखने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकगण डॉ.शशि कश्यप, बलराज ताम्रकार, डॉ.भावना माहुले, गजेंद्र कश्यप, डॉ. रचना चौधरी, डॉ.संजय परगनिहा , समस्त कर्मचारीगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन रासेयो के अधिकारी डॉ. रमेश कुमार मेश्राम के द्वारा किया गया ।




