Chhattisgarh

ब्रेस्ट कैंसर की शुरुआती पहचान के लिए बालको मेडिकल सेंटर की बड़ी पहल, AI तकनीक से होगी जोखिम की पहचान, 11 भाषाओं में मिलेगी जांच की जानकारी

रायपुर, 13 अक्टूबर। ब्रेस्ट कैंसर की समय रहते पहचान और महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में वेदांता ग्रुप के बालको मेडिकल सेंटर (BMC) ने बड़ी पहल की है। ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता माह के अवसर पर नया रायपुर स्थित बालको मेडिकल सेंटर ने स्विट्जरलैंड की गैर-लाभकारी संस्था द डियर (DEAR) फाउंडेशन और ट्रांसलेशनल एआई फॉर नेटवर्क्ड यूनिवर्सल हेल्थकेयर (TANUH) फाउंडेशन के साथ दो समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इन साझेदारियों के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित स्क्रीनिंग तकनीक विकसित करने के साथ महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर के प्रति जागरूक किया जाएगा।

बालको मेडिकल सेंटर की इस पहल का मुख्य उद्देश्य ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम की शुरुआती पहचान करना और जरूरतमंद महिलाओं को समय पर जांच एवं उपचार उपलब्ध कराना है। इसके लिए एक ऐसा एआई आधारित स्क्रीनिंग टूल विकसित किया जाएगा, जो महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम का आकलन करने और मैमोग्राफी जांच की आवश्यकता वाली महिलाओं को प्राथमिकता देने में मदद करेगा। इस तकनीक के माध्यम से भविष्य में ब्रेस्ट कैंसर की जांच को अधिक सुलभ और किफायती बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।

बालको मेडिकल सेंटर और आईआईएससी बेंगलुरु स्थित टीएएनयूएच फाउंडेशन मिलकर इस तकनीक को विकसित करेंगे। टीएएनयूएच फाउंडेशन शिक्षा मंत्रालय द्वारा स्थापित हेल्थकेयर क्षेत्र में एआई का उत्कृष्टता केंद्र है। इस परियोजना के लिए बालको मेडिकल सेंटर क्लिनिकल और मैमोग्राफी से संबंधित डेटा उपलब्ध कराएगा। संस्थान के अनुसार, डेटा के उपयोग के दौरान मरीजों की गोपनीयता का पूरा ध्यान रखा जाएगा। यह मॉडल विशेष रूप से भारतीय महिलाओं की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा, जिससे ब्रेस्ट कैंसर के संभावित जोखिम की पहचान और समय पर जांच में मदद मिल सकेगी।

वहीं, द डियर फाउंडेशन के साथ साझेदारी के तहत महिलाओं को ब्रेस्ट हेल्थ के प्रति जागरूक करने के लिए मुफ्त डियर यू (Dear You) मोबाइल ऐप का उपयोग किया जाएगा। इस ऐप में हिंदी सहित 11 भाषाओं में ब्रेस्ट की स्वयं जांच करने की चरणबद्ध जानकारी उपलब्ध है। इसके अलावा नियमित रूप से स्वयं जांच करने के लिए रिमाइंडर की सुविधा भी दी गई है। विशेष रूप से ग्रामीण और संसाधनों की कमी वाले क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं को इस पहल से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा। हालांकि, स्वयं जांच चिकित्सकीय जांच या मैमोग्राफी का विकल्प नहीं है।

भारत में ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में सबसे अधिक पाया जाने वाला कैंसर है। देर से पहचान होने के कारण कई मरीजों को उपचार में गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। संस्थान द्वारा साझा जानकारी के अनुसार, देश में ब्रेस्ट कैंसर के 60 प्रतिशत से अधिक मामलों की पहचान कथित तौर पर तीसरे या चौथे चरण में होती है। ऐसे में महिलाओं को इस बीमारी के शुरुआती लक्षणों के प्रति जागरूक करना और समय पर चिकित्सकीय जांच सुनिश्चित करना बेहद जरूरी माना जा रहा है।

छत्तीसगढ़ में बालको मेडिकल सेंटर अपने कॉम्प्रिहेंसिव ब्रेस्ट हेल्थ क्लिनिक के माध्यम से महिलाओं को कैंसर की जांच से लेकर इलाज और रिकवरी तक व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रहा है। महिला विशेषज्ञों की मल्टीडिसिप्लिनरी टीम के नेतृत्व में संचालित इस क्लिनिक में मरीजों की जरूरतों के अनुसार उपचार और देखभाल की सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। अस्पताल का उद्देश्य मरीजों को उपचार के हर चरण में आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है।

इस अस्पताल में उपचार प्राप्त कर चुकी रायपुर की 39 वर्षीय दीपिका कन्नोजे इसका एक उदाहरण हैं। ब्रेस्ट में गांठ का पता चलने के बाद उन्होंने बालको मेडिकल सेंटर में कीमोथेरेपी, सर्जरी, रेडिएशन और रिहैबिलिटेशन कराया। लिम्फ नोड्स की सर्जरी के बाद लिम्फोएडेमा यानी लिम्फ तरल जमा होने से सूजन का खतरा कम करने के लिए उनकी विशेष लिम्फा (LYMPHA) प्रक्रिया भी की गई।

इसी तरह राजेश्वरी जायसवाल को महज 22 वर्ष की उम्र में ब्रेस्ट कैंसर का पता चला था। उस समय वह एलएलबी की पढ़ाई कर रही थीं। बालको मेडिकल सेंटर में कीमोथेरेपी, टार्गेटेड थेरेपी, सर्जरी और रेडिएशन के बाद उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की। वर्तमान में वह बिलासपुर हाई कोर्ट में वकालत कर रही हैं और नियमित रूप से फॉलोअप जांच भी कराती हैं। उनका अनुभव बताता है कि समय पर उपचार और उचित चिकित्सा देखभाल से मरीजों को बीमारी से उबरने और सामान्य जीवन की ओर लौटने में मदद मिल सकती है।

गौरतलब है कि बालको मेडिकल सेंटर, वेदांता मेडिकल रिसर्च फाउंडेशन की प्रमुख पहल है। नया रायपुर स्थित यह 170 बिस्तरों वाला आधुनिक कैंसर अस्पताल है, जहां मेडिकल, सर्जिकल और रेडिएशन ऑन्कोलॉजी, हीमैटोलॉजी, बोन मैरो ट्रांसप्लांट और पैलिएटिव केयर सहित कैंसर उपचार की विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध हैं।

संस्थान के अनुसार, अब तक अस्पताल में 5 लाख से अधिक ओपीडी विजिट दर्ज की जा चुकी हैं, जबकि 76 हजार से अधिक मरीजों का उपचार किया गया है। अस्पताल को एनएबीएच, लीड, एफएसएसएआई, एनएबीएल, नर्सिंग एक्सीलेंस और सीएएचओ सहित विभिन्न प्रमाणपत्र एवं मान्यताएं भी प्राप्त हुई हैं।

बालको मेडिकल सेंटर का कहना है कि नई तकनीक, जागरूकता अभियान और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं को एक साथ जोड़कर अधिक से अधिक महिलाओं तक ब्रेस्ट कैंसर की समय पर जांच और उपचार की सुविधा पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। एआई आधारित स्क्रीनिंग टूल और डियर यू ऐप के माध्यम से विशेष रूप से उन महिलाओं तक पहुंच बनाने का लक्ष्य है, जिन्हें जागरूकता या स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण समय पर जांच नहीं मिल पाती। यह पहल छत्तीसगढ़ सहित देशभर में ब्रेस्ट कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने और शुरुआती पहचान को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

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