बीजापुर में देश का सबसे बड़ा नक्सली आत्मसमर्पण, माड़ डिवीजन के 120 नक्सली हथियार डालने रवाना

बीजापुर। गढ़चिरौली और कांकेर के बाद अब बीजापुर में देश का सबसे बड़ा नक्सली आत्मसमर्पण होने जा रहा है। नक्सल मोर्चे पर सुरक्षा बलों के लिए यह सबसे बड़ी रणनीतिक सफलता मानी जा रही है। विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, डीकेएसजेडसी (DKSZC) के शीर्ष नक्सली नेता और संगठन के प्रवक्ता रूपेश उर्फ सतीश उर्फ आसन्ना आज भैरमगढ़ में अपने 120 साथियों के साथ आत्मसमर्पण करेगा। इनमें कई महिला नक्सली, एरिया कमेटी सदस्य और वरिष्ठ कैडर शामिल बताए जा रहे हैं।
इंद्रावती के पार से हथियारों के साथ पहुंचे नक्सली।
बताया जा रहा है कि 70 से अधिक आधुनिक हथियारों के साथ पूरी माड़ डिवीजन की टीम इंद्रावती नदी पार कर भैरमगढ़ पहुंचने वाली है। नक्सलियों के आगमन के मद्देनज़र इंद्रावती नदी से लेकर भैरमगढ़ तक सुरक्षा बलों ने कड़ी घेराबंदी की है।
रूपेश का केंद्र सरकार से वार्ता प्रस्ताव।
गौरतलब है कि कुछ सप्ताह पहले ही रूपेश ने प्रेस नोट जारी कर केंद्र सरकार से नक्सल विरोधी अभियान को 6 महीनों के लिए रोकने और शांति वार्ता की प्रक्रिया शुरू करने की अपील की थी। अब उसके आत्मसमर्पण को संगठन के भीतर गहरी फूट और हताशा का संकेत माना जा रहा है।
प्रशासन ने की सम्पूर्ण तैयारियां
भैरमगढ़ थाना क्षेत्र में आत्मसमर्पण की प्रक्रिया को लेकर बीजापुर पुलिस ने सभी सुरक्षा इंतज़ाम पूरे कर लिए हैं। आत्मसमर्पण स्थल पर सुरक्षा बलों, प्रशासनिक अधिकारियों और पुनर्वास विभाग के अधिकारी मौजूद रहेंगे।
नक्सल मोर्चे पर ऐतिहासिक दिन
गढ़चिरौली और कांकेर के बाद बीजापुर में हो रहा यह आत्मसमर्पण देश का अब तक का सबसे बड़ा नक्सली सरेंडर बताया जा रहा है। इस कदम से दक्षिण बस्तर क्षेत्र में नक्सल गतिविधियों पर निर्णायक प्रभाव पड़ने की संभावना है।









