बनारी में बनेगा मां मनका दाई का भव्य मंदिर, ग्रामीणों के सहयोग से ₹50 लाख की लागत से हो रहा कायाकल्प

जांजगीर चांपा। जिले के बनारी गांव में आस्था और विश्वास का प्रमुख केंद्र मानी जाने वाली कुलदेवी मां मनका दाई के मंदिर को अब भव्य स्वरूप दिया जा रहा है। करीब 82 वर्षों के गौरवशाली इतिहास को समेटे इस मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प गांव के लोगों ने मिलकर लिया है। ग्रामीणों के सहयोग से लगभग 50 लाख रुपये की लागत से मंदिर का कायाकल्प किया जा रहा है।
मंदिर निर्माण की खास बात यह है कि इसमें गांव का हर वर्ग बढ़-चढ़कर भागीदारी निभा रहा है। ग्रामीण ‘तन-मन-धन’ से सहयोग कर इस धार्मिक संकल्प को साकार करने में जुटे हैं। बताया जाता है कि वर्ष 1932 में यहां सबसे पहले चबूतरा बनाकर पूजा-अर्चना शुरू की गई थी। इसके बाद वर्ष 1962 में ग्रामीणों ने ‘एक मुट्ठी अन्नदान’ की परंपरा के माध्यम से मंदिर का निर्माण कराया था। वहीं वर्ष 1994 में गांव के युवाओं ने समिति बनाकर यहां नियमित रूप से दीप प्रज्वलन और धार्मिक आयोजनों की शुरुआत की।
पर्वेपिया तालाब के किनारे स्थित मां मनका दाई का यह मंदिर क्षेत्र के लोगों के लिए कुलदेवी का स्थान रखता है। सुख-दुख के हर अवसर पर ग्रामीण मां के दरबार में पहुंचते हैं। विवाह के बाद नवदंपती आशीर्वाद लेने आते हैं, वहीं किसी विपत्ति के समय भी लोग मां की शरण में पहुंचकर मन्नत मांगते हैं। नवरात्रि के दौरान यहां विशेष रूप से ज्योति कलश प्रज्वलित किए जाते हैं और भजन-कीर्तन के कार्यक्रम आयोजित होते हैं।
मंदिर के जीर्णोद्धार का प्रस्ताव गांव के युवाओं और ग्रामवासियों ने मिलकर रखा था। वर्तमान में निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। मंदिर निर्माण कार्य समिति के अध्यक्ष और आचार्य राकेश तिवारी के अनुसार नया मंदिर आधुनिक और भव्य स्वरूप में तैयार किया जाएगा, जिससे यह श्रद्धालुओं के लिए आस्था का और भी बड़ा केंद्र बन सके। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद यह मंदिर क्षेत्र की धार्मिक विरासत को नई पहचान देगा।




