’प्रत्येक योजना की जानकारी अंतिम छोर तक पहुंचे, तभी विकसित भारत का होगा संकल्प साकार -श्री नेहरू राम निषाद’

’छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष ने विभागवार योजनाओं एवं ओबीसी हितग्राहियों को मिल रहे लाभों की समीक्षा की’
’अधिकारियों को योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर पात्र हितग्राहियों तक लाभ पहुंचाने के दिए निर्देश’
रायपुर,6 अगस्त 2026/ छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री नेहरू राम निषाद ने कहा कि भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी समाज के अंतिम छोर तक पहुंचाना सभी संबंधित विभागों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र हितग्राही तक सुनिश्चित होने पर ही विकसित भारत के संकल्प को साकार किया जा सकेगा।
श्री निषाद आज जिला पंचायत के मंथन कक्ष में आयोजित विभागवार समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा अन्य पिछड़ा वर्ग के हितग्राहियों को उपलब्ध कराए जा रहे लाभों एवं संचालित योजनाओं की प्रगति की विभागवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत अन्य पिछड़ा वर्ग के हितग्राहियों की भागीदारी, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत रोजगार की स्थिति तथा विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के संबंध में जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत अकुशल श्रमिकों के लिए रोजगार के दिवस 100 से बढ़ाकर 125 किए जाने के संबंध में ग्रामीणों को लगातार जागरूक किया जा रहा है।
अध्यक्ष श्री निषाद ने तेंदूपत्ता संग्रहण, मानक बोरा खरीदी, भुगतान की स्थिति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के संग्राहकों की संख्या की भी जानकारी ली। मत्स्य विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत अधिकाधिक अन्य पिछड़ा वर्ग के हितग्राहियों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने 50 प्रतिशत अनुदान पर मछली जाल, आइस बॉक्स सहित अन्य आवश्यक सामग्री का वितरण सुनिश्चित करने तथा जिले की सभी 21 मत्स्य समितियों को सक्रिय बनाए रखने पर बल दिया।
उद्योग विभाग की समीक्षा के दौरान श्री निषाद ने अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने तथा विभागीय योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय एवं स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहन देकर आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार किया जा सकता है।
बैठक में क्रेडा, स्वास्थ्य, खाद्य, समाज कल्याण, कृषि, जल संसाधन, पशुपालन एवं उद्यानिकी विभाग की योजनाओं की भी समीक्षा की गई। अध्यक्ष ने अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों के जाति एवं निवास प्रमाण-पत्र से संबंधित प्रकरणों की जानकारी प्राप्त करते हुए उनके त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान कुछ विभागों के अधिकारियों की अनुपस्थिति तथा आवश्यक जानकारी अद्यतन नहीं होने पर अध्यक्ष श्री निषाद ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग, अभिलेखों के समुचित संधारण तथा समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग आयोग की उपाध्यक्ष श्रीमती चंद्रकांति वर्मा ने कहा कि विभिन्न विभागों की योजनाएं अन्य पिछड़ा वर्ग के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने अधिकारियों से पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का अधिकतम लाभ उपलब्ध कराने के लिए समन्वित प्रयास करने का आग्रह किया।
जिला पंचायत की उपाध्यक्ष श्रीमती वंदना राजवाड़े ने कहा कि विभागीय योजनाओं की पात्रता, लाभ एवं प्रक्रिया की जानकारी जनप्रतिनिधियों को भी नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाए, ताकि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ने में सहयोग मिल सके।
बैठक में छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग आयोग के सचिव श्री संकल्प साहू, एडीएम श्री सुरेंद्र वैद्य, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती गीता राजवाड़े, श्री राजेश साहू सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।




