पुत्र कुपुत्र हो सकता है लेकिन माता कुमाता नहीं – राजेश्री महन्त जी

- ग्राम तुष्मा के साहू परिवार में आयोजित श्रीमद् देवी भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ में भी हुए सम्मिलित
जांजगीर चांपा, 25 सितंबर । छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास शारदीय नवरात्र में जिला जांजगीर चांपा के अनेक स्थानों में विराजित माता दुर्गा भवानी के मंदिरों में दर्शन करने के लिए उपस्थित हुए। प्राप्त जानकारी के अनुसार उन्होंने ग्राम खरौद में सौराईनदाई मंदिर, मनका दाई मंदिर, ग्राम सलखन एवं महंत में चंडीदाई मातेश्वरी, ग्राम खोखरा में मनका दाई मंदिर, ग्राम बिर्रा में चंडी दाई, कंकालीन दाई, महामाया देवी मंदिर तथा ग्राम केरा में चंडी दाई, महामाया देवी एवं ठाकुर देव भगवान के दर्शन के लिए उपस्थित हुए वे ग्राम तुष्मा के साहू परिवार में आयोजित श्रीमद् देवी भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ में भी सम्मिलित हुए।

यहां उन्होंने श्रोता समूह को संबोधित करते हुए कहा कि- हम सभी का सौभाग्य है कि शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व चल रहा है और हमें श्रीमद् देवी भागवत महापुराण में सम्मिलित होने का अवसर मिला है। साहू परिवार ने जिस उद्देश्य की मनोकामना के लिए यह आध्यात्मिक आयोजन किया है माता दुर्गा भवानी से प्रार्थना है कि उसे पूर्ण करें।

उन्होंने कहा कि धर्म शास्त्रों में लिखा है कि भले ही पुत्र कुपुत्र हो सकता है लेकिन माता कुमाता नहीं हो सकती! इन अनेक कार्यक्रमों में राजेश्री महन्त रामसुंदर दास के साथ कमलेश सिंह, बृजभान सिंह, राजू राणा, सुनील सिंह राणा तथा सुबोध शुक्ला, गोविंद यादव, शरद शर्मा, अशोक आदित्य, जगदीश यादव, भारत कश्यप, रामकृष्ण कश्यप, अवधेश सिंह, उपेंद्र तिवारी, पवन चतुर्वेदी, बसंत पवार, दिलदार खान संतोष साहू, रामखिलावन तिवारी, ईश्वर देवांगन, माधुरी नरेश आदित्य, एलडी आदित्य, तोषन महाराज, रामचरन साहू, रामनारायण साहू मीडिया प्रभारी निर्मल दास वैष्णव, हर्ष दुबे सहित अनेक गणमान्य नागरिक गण सम्मिलित हुए। उल्लेखनीय है कि अपने इस आध्यात्मिक यात्रा के बीच राजेश्री महंत रामसुंदर दास ने बम्हनीडीह में शोक संतृप्त सहारे परिवार से भी सौजन्य भेंट मुलाकात कर पुण्यात्मा को श्रद्धांजलि अर्पित किए।










