पिता की डांट से नाराज होकर भाटापारा से ट्रेन में रायपुर पहुंचा 15 वर्षीय बालक, स्टेशन चौक पर रोता मिला तो यातायात पुलिस ने परिजनों से मिलाया

रायपुर, 23 सितम्बर 2026। घर से बिना बताए नाराज होकर भाटापारा से ट्रेन में सवार होकर रायपुर पहुंचे 15 वर्षीय नाबालिग बालक को यातायात पुलिस ने सुरक्षित उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। स्टेशन चौक के गेट नंबर-1 के पास बालक अकेले रोता हुआ मिला था। पुलिसकर्मियों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए पहले उसे भरोसे में लिया और फिर परिजनों से संपर्क कर सकुशल घर भेजा।
जानकारी के अनुसार, गणेशोत्सव के दौरान यातायात थाना फाफाडीह प्रभारी अम्बरीश शर्मा अपने हमराह स्टाफ आरक्षक क्रमांक 606 गोपाल सिदार और सैनिक क्रमांक 03 मोहसिन खान के साथ क्षेत्र भ्रमण पर थे। इसी दौरान स्टेशन चौक, गेट नंबर-1 के पास उन्हें एक नाबालिग बालक अकेले रोता हुआ दिखाई दिया। पुलिस टीम ने तत्काल उसके पास पहुंचकर उसे ढांढस बंधाया और सहानुभूतिपूर्वक पूछताछ की।
पूछताछ में बालक ने अपना नाम और पता भाटापारा, जिला बलौदाबाजार बताया। उसने पुलिस को बताया कि पिता की डांट से नाराज होकर वह बिना बताए घर से निकल गया था। इसके बाद ट्रेन से रायपुर पहुंच गया। घर वापस जाने के डर के कारण वह स्टेशन चौक के पास बैठकर रो रहा था।
पुलिस टीम ने बालक को विश्वास में लेकर समझाइश दी और उसका हौसला बढ़ाया। इसके बाद पुलिस ने उसके परिजनों से दूरभाष के माध्यम से संपर्क कर घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद बालक के मामा और बहन रायपुर पहुंचे। पुलिस ने विधिवत पहचान और आवश्यक तस्दीक की कार्रवाई पूरी करने के बाद नाबालिग को सुरक्षित उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
बालक और उसके परिजनों को पुलिस ने आवश्यक समझाइश भी दी और दोनों को सकुशल घर रवाना किया। अपने बच्चे को सुरक्षित पाकर परिजनों ने रायपुर पुलिस कमिश्नरेट की त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस पूरे मामले में यातायात थाना फाफाडीह प्रभारी अम्बरीश शर्मा, आरक्षक गोपाल सिदार और सैनिक मोहसिन खान की तत्परता और संवेदनशीलता की सराहना की गई। यातायात पुलिस की इस मानवीय पहल ने एक परेशान नाबालिग को सुरक्षित उसके परिवार तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।




