विधायक पांचीलाल मेड़ा और सुलोचना रावत से सप्ताह की बातचीत: मेड़ा का आरोप – आदिवासियों के लिए आवाज उठाऊं तो मारपीट कर कुर्ता फाड़ देते हैं, सुलोचन बोलीं- वे प्रचार के लिए ऐसा कर रहे

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भोपाल43 मिनट पहले

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कांग्रेस​​​​​​​ विधायक पांचीलाल मेड़ा​​​​​​​ और भाजपा विधायक सुलोचना रावत - Dainik Bhaskar

कांग्रेस​​​​​​​ विधायक पांचीलाल मेड़ा​​​​​​​ और भाजपा विधायक सुलोचना रावत

धार से 300 किमी पैदल चलकर भोपाल आए कांग्रेस विधायक पांचीलाल मेड़ा का गुरुवार को फिर कुर्ता फटा है। उनका कहना है कि कारम डेम फूटने के बाद से इसके पीड़ितों को न्याय नहीं मिल रहा। भाजपा सरकार में आदिवासियों की कोई सुनवाई नहीं है। दैनिक भास्कर ने इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस और भाजपा के आदिवासी विधायकों पांचीलाल मेढ़ा और सुलोचना रावत से बात की। दोनों से आदिवासियों से जुड़े मुद्दों के अलावा दलबदल और क्रॉस वोटिंग पर पांच सवाल किए गए।

पांच सवाल

1. बार-बार कुर्ता फटना क्या सही है? ऐसा लगता है सरकार में आदिवासी विधायकों की सुनवाई नहीं हो रही?

कांग्रेस विधायक पांचीलाल मेड़ा का जवाब : कारम के पीड़ितों की आवाज उठाने विधानसभा पहुंचा तो पुलिस ने मारपीट कर कुर्ता फाड़ दिया। बात नहीं सुनी। राज्यपाल से मिलने गए तो पुलिस ने फिर पीटा। कुर्ता फाड़ दिया। इस सरकार में सुनवाई नहीं है।

भाजपा विधायक सुलोचना रावत का जवाब : जानबूझकर कुर्ता फटवाया, ताकि भावनाओं का फायदा उठा सकें, प्रचार मिले। पांचीलाल सिर्फ राजनीति कर रहे हैं। भाजपा सरकार ही आदिवासियों के लिए काम कर रही है। इसीलिए हम निकाय व पंचायत चुनाव जीते।

2. आप दोनों एक ही क्षेत्र से हैं। कौन वास्तव में आदिवासियों के अधिकारों के लिए लड़ रहा है?

कांग्रेस​​​​​​​ विधायक पांचीलाल मेड़ा​​​​​​​ का जवाब : कारम डेम मेरे क्षेत्र में फूटा। आदिवासियों की खेती बर्बाद हो गई। आज तक मुआवजा नहीं मिला। भाजपा चुप है। पीड़ितों को न्याय दिलाने किसी भी हद तक जा सकता हूं। कुर्ता क्या, जान की परवाह भी नहीं करता।

भाजपा विधायक सुलोचना रावत का जवाब : कांग्रेस आदिवासियों के लिए लड़ रही होती तो उसके विधायक क्रॉस वोटिंग नहीं करते। जिस कारम डेम की बात है, वहां तो लोगों की जान बचाई गई। सरकार उनकी चिंता कर रही है। आदिवासियों की सेवा ही मेरा काम है।

3. ऐसा कहा जा रहा है कि राजनीतिक दल सिर्फ आदिवासियों के वोटों का फायदा उठा रहे हैं?

कांग्रेस​​​​​​​ विधायक पांचीलाल मेड़ा​​​​​​​ का जवाब : भाजपा के आदिवासी विधायकों को आदिवासियों की कोई चिंता नहीं है। पिछले दो सालों में हम लोगों को जितना प्रताड़ित किया, उतना 50 साल में नहीं हुआ। 2023 में हम 2018 की तुलना में ज्यादा सीटें जीतेंगे।

भाजपा विधायक सुलोचना रावत का जवाब : बिलकुल नहीं, हम सिर्फ काम कर रहे हैं। आने वाले चुनावों में रिजल्ट मिलेगा। आदिवासियों का फायदा उठाना कांग्रेस का काम है। भाजपा का नहीं। इसीलिए जोबट हम जीत गए।

4. राजनीतिक दलों से आदिवासियों का मोहभंग होने के कारण दूसरे संगठन एक्टिव हो गए हैं?

कांग्रेस​​​​​​​ विधायक पांचीलाल मेड़ा​​​​​​​ का जवाब : कांग्रेस के आदिवासी प्रकोष्ठ के साथ पार्टी के कार्यकर्ता अपना काम कर रहे हैं। चिंता तो भाजपा को होना चाहिए। वह सिर्फ आदिवासियों के वोटों का फायदा उठाना चाहती है।

भाजपा विधायक सुलोचना रावत का जवाब : कोई भी एक्टिव हो जाए, आदिवासियों का साथ भाजपा को मिलेगा। सब दूसरे संगठनों की असलियत जान चुके हैं। जयस अब कहीं नहीं है। हमारी सरकार में आदिवासियों के लिए जितने काम हुए, पहले कभी नहीं हुए।

5. कहीं क्रॉस वोटिंग होती है और कहीं दलबदल, ऐसा क्यों? क्या अपनी पार्टियों पर भरोसा नहीं?

कांग्रेस​​​​​​​ विधायक पांचीलाल मेड़ा​​​​​​​ का जवाब : मैं गरीब आदिवासी हूं। कोई सोने में तौलकर भी मुझे खरीद नहीं सकता। मुझ जैसे सामान्य व्यक्ति को 3 बार कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव लड़ाया। मैं कांग्रेस में हूं और रहूंगा। कांग्रेस ने ही आदिवासियों को न्याय दिलाया है।

भाजपा विधायक सुलोचना रावत का जवाब : बात दलबदल की नहीं, कांग्रेस की खराब नीतियों के कारण भाजपा ज्वाइन की। पांचीलाल सोचें, उन्हें आगे क्या करना है। क्रॉस वोटिंग से स्थिति स्पष्ट हो ही चुकी है। भाजपा ने आदिवासियों को राष्ट्रपति का पद दिया है।

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