न्याय के लिए तहसीलदार धरने पर: बेटे से मारपीट के मामले में FIR दर्ज न होने से आहत, थाने के बाहर आमरण अनशन

सारंगढ़-बिलाईगढ़। छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले से कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक तहसीलदार को अपनी ही शिकायत पर एफआईआर दर्ज कराने के लिए थाने के बाहर धरने पर बैठना पड़ा है। कोरबा-दीपका में पदस्थ तहसीलदार भगत सिटी कोतवाली, सारंगढ़-बिलाईगढ़ के बाहर धरना देते हुए न्याय की गुहार लगा रहे हैं।
तहसीलदार भगत का आरोप है कि उनके बेटे के साथ कलेक्टर के गनमैन ने मारपीट की और थप्पड़ मारने से उसके कान का पर्दा फट गया। यह एक गंभीर और संवेदनशील मामला होने के बावजूद पुलिस द्वारा अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है, जिससे पीड़ित परिवार में भारी आक्रोश है।
घटना के बाद तहसीलदार भगत ने संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कार्रवाई न होने से आहत होकर वे स्वयं थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। उनका कहना है कि जब एक जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी को न्याय के लिए इस तरह संघर्ष करना पड़ रहा है, तो आम नागरिकों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
न्याय न मिलने से क्षुब्ध तहसीलदार भगत ने अब आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि जब तक उनके बेटे के साथ हुई मारपीट के मामले में दोषी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे अपना अनशन जारी रखेंगे।
इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने निष्पक्ष जांच और तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
फिलहाल पूरे मामले पर जिले की पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर नजरें टिकी हुई हैं, और यह देखना अहम होगा कि तहसीलदार को कब तक न्याय मिल पाता है।




