Chhattisgarh

जलकुंभी से पटने लगा तालाब लोगों के निस्तारी पर संकट मंडरा रहा

बालको नगर: बालको नगर के वार्ड क्रमांक 39 भदरापारा के साडा कॉलोनी व वार्ड क्रमांक 41 भदरापारा स्थित तालाब में जलकुंभी के चलते अपना अस्त्वि खोते जा रहे हैं। तालाब का पानी नजर ही नहीं आ रहा है, जलकुंभी के चलते तालाब घास व कचरे का मैदान नजर आने लगे हैं।


हर वर्ष तालाब न सिर्फ सिकुड़ रहा है
बल्कि तालाब में गंदे पानी के नए स्त्रोत भी छोड़े जा रहे हैं। तालाब में प्लास्टिक, पॉलीथिन एवं अन्य कचरा इतनी मात्रा में फेंका जा रहा है कि पूरे तालाब में जलकुंभी के कारण हरी चादर दिखाई देती है। यहां का पानी वर्तमान में इतना गंदा हो गया है कि तालाब का पानी दुर्गंध दे रहा है। लोगों की मानें तो इन बड़े तालाब में पहले पानी लबालब भरा था पर जलकुंभी की अधिकता और लोगों द्वारा कूड़ा कचरा इसमें फेंकने से इसका पानी गन्दा होता गया। जिम्मेदारों द्वारा भी तालाबों की साफ-सफाई के लिए कोई अभियान नहीं चलाया जा रहा है, सालभर से तालाब की सफाई कराने ध्यान नहीं दिया जा रहा है। तालाब का पानी निस्तारी के लायक नहीं रहा। तालाब का पानी गंदा होने से नहाने पर खुजली होती है। क्षेत्र के लोगों ने तो अब तालाब में नहाना ही छोड़ दिया है। इसके बावजूद तालाब की सफाई पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। साथ ही तालाब से लगें हुए बस्तीयों के बाथरुम के पानी के निकाशी को लोगों द्वारा तालाब में ही डाला जा रहा है व घर के गंदगी-कचरा को भी तालाब के पास ही फेंक देते हैं।


इसके चलते भी पानी दूषित होता है जिन पर नगर निगम द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किया जाता। नगर निगम प्रशासन को गर्मी के दिनों में सभी तालाबों में विशेष सफाई अभियान चलाना चाहिए, ताकि बरसात के दिनों में तालाब की स्थिति सही रहे।

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