Chhattisgarh

नामपानी गांव में लोनर हाथी का हमला, 60 वर्षीय वृद्धा की मौत

पति ने खाट के नीचे छिपकर बचाई जान, वन विभाग ने दी तात्कालिक सहायता

कोरबा। जिले के कटघोरा वन मंडल अंतर्गत चैतमा रेंज के नामपानी (नीमपानी) गांव में बुधवार तड़के लोनर हाथी के हमले में एक 60 वर्षीय वृद्धा की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत बारी उरांव के आश्रित गांव नीमपानी निवासी फूलसुंदरी मंझावार (उम्र 60 वर्ष) अपने पति के साथ घर के बाहर दैहिहाल में सो रही थीं। तड़के लगभग 3 बजे अचानक एक लोनर हाथी गांव में आ धमका। हाथी की चिंघाड़ सुनकर फूलसुंदरी जाग गईं और जान बचाने के लिए भागने लगीं, जबकि उनका पति खाट के नीचे छिप गया।

महिला को भागते देख लोनर हाथी ने उनका पीछा किया और हमला कर दिया। हाथी ने पैरों और सूंड से कुचलकर वृद्धा को गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी तत्काल मौके पर पहुंचे तथा लोनर हाथी को खदेड़ते हुए आवश्यक कार्रवाई की। कटघोरा डीएफओ कुमार निशांत को घटना की जानकारी दी गई, जिस पर वे स्वयं घटनास्थल पहुंचे। डीएफओ श्री निशांत ने मृतका के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह एवं अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में तात्कालिक सहायता के रूप में 25 हजार रुपये प्रदान किए।

डीएफओ ने बताया कि वन्यप्राणी हमले में जनहानि की स्थिति में शासन द्वारा कुल 6 लाख रुपये मुआवजा देने का प्रावधान है। शेष 5 लाख 75 हजार रुपये की राशि सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण होने के बाद परिजनों को प्रदान की जाएगी।

बताया गया कि यह लोनर हाथी बिलासपुर वन मंडल के सीपत रेंज से कटघोरा वन मंडल में प्रवेश किया है और पिछले चार दिनों से चैतमा रेंज के जंगलों में विचरण कर रहा था। हाथी का व्यवहार अत्यंत आक्रामक होने के कारण वन विभाग लगातार उसकी निगरानी कर रहा है। साथ ही गांव-गांव मुनादी कराकर लोगों को सतर्क किया जा रहा है।

इसके बावजूद चेतावनियों की अनदेखी कर ग्रामीणों द्वारा घर के बाहर सोने जैसी लापरवाही बरती जा रही है। इसी लापरवाही के चलते नीमपानी गांव में यह दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें एक वृद्धा को अपनी जान गंवानी पड़ी।

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