मन अगर भक्त ध्रुव जैसा निर्मल हो तो भगवान आज भी दौड़े चले आते हैं : पं.दीपककृष्ण
खरसिया,23 नवंबर। छत्तीसगढ़ के प्रख्यात कथा व्यास पंडित दीपक कृष्ण महाराज ने भक्त ध्रुव चरित्र की कथा का भावपूर्ण वर्णन करते हुए श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने कहा कि ध्रुव चरित्र हमें शिक्षा देता है कि एक 5 वर्ष का बालक ध्रुव प्रभु भक्ति में लीन होकर के भगवान नारायण को प्राप्त कर सकता है तो हम क्यों नहीं कर सकते? मन में सच्ची श्रद्धा और विश्वास हो तो आज भी भगवान किसी ना किसी स्वरूप में भक्तों को प्राप्त हो जाते हैं।
महाराज ने बताया कि पौराणिक कथा मानव जीवन के निर्माण जनक है। अतः संसार रूपी अरण्य में भटके हुए जीवों को परमात्मा के शरण रूपी मंजिल तक ले जाने के लिए श्रीमद् भागवत की कथा प्रकाश पुंज है, जिसे आत्मसात करके कोई भी मनुष्य मुक्ति को प्राप्त कर सकता है। राठौर परिवार घघरा द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में अपार भक्तों की भीड़ कथा पंडाल में पहुंच रही है। समस्त भक्तों के लिए राठौर परिवार घघरा द्वारा सर्व व्यवस्था की हुई है। 21नवंबर से प्रारंभ हुई श्रीमद् भागवत की कथा 28 नवम्बर तक चलेगी।









