Chhattisgarh

‘तरक्की की तैयारी’ अभियान के साथ वेदांता एल्युमीनियम ने मनाया महिला दिवस, कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का संकल्प

रायपुर, 09 मार्च 2026। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर वेदांता एल्युमीनियम ने महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व को बढ़ावा देने के उद्देश्य से #तरक्कीकीतैयारी अभियान की शुरुआत की है। भारत की सबसे बड़ी एल्युमीनियम उत्पादक कंपनियों में शामिल वेदांता एल्युमीनियम द्वारा शुरू किया गया यह अभियान ओडिशा और छत्तीसगढ़ में एक महीने तक विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से चलाया जाएगा। अभियान के तहत विशेषज्ञ संवाद, स्वास्थ्य पहल और जमीनी स्तर पर सामुदायिक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।

कंपनी ने इस पहल के तहत पूर्व आईपीएस अधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता किरण बेदी तथा माउंट एवरेस्ट फतह करने वाली अरुणिमा सिन्हा जैसे प्रेरक व्यक्तित्वों को कर्मचारियों के साथ संवाद के लिए जोड़ा है। इसके साथ ही सामुदायिक संपर्क कार्यक्रम, स्वास्थ्य शिविर और कर्मचारियों के स्वयंसेवी प्रयासों से संचालित कई गतिविधियां भी आयोजित की जा रही हैं।

वेदांता एल्युमीनियम का मानना है कि देश की वास्तविक प्रगति समावेशी भागीदारी से ही संभव है। धातु, खनन और विनिर्माण क्षेत्रों में तेजी से हो रही वृद्धि के बावजूद इन क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी अभी भी सीमित है। ऐसे में कंपनी का प्रयास है कि महिलाएं केवल कार्यबल का हिस्सा ही न बनें, बल्कि नेतृत्व की भूमिका में भी आगे आएं। वर्तमान में कंपनी के कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी 21 प्रतिशत है और लक्ष्य वर्ष 2030 तक इसे बढ़ाकर 30 प्रतिशत तक पहुंचाने का रखा गया है। इसके लिए कंपनी एंट्री-लेवल पदों पर 50 प्रतिशत महिलाओं की भर्ती को प्राथमिकता दे रही है ताकि भविष्य के लिए मजबूत और विविध प्रतिभा श्रृंखला तैयार की जा सके।

महिलाओं को अवसर देने की दिशा में वेदांता एल्युमीनियम ने कई उल्लेखनीय पहलें भी की हैं। कंपनी ने ओडिशा के झारसुगुड़ा स्थित एल्युमीनियम स्मेल्टर में भारत की पहली पूरी तरह महिलाओं द्वारा संचालित पॉटलाइन शुरू की है। चरणबद्ध तकनीकी प्रशिक्षण और क्षमता विकास कार्यक्रमों के माध्यम से 100 से अधिक महिलाओं को स्मेल्टिंग और उत्पादन से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में नियुक्त किया गया है। इसके अलावा कंपनी ने पहली पूर्णतः महिला लोकोमोटिव इंजन क्रू भी शुरू की है और अपनी ऑल-वुमन फायरफाइटिंग टीम ‘अग्निवाहिनी’ का विस्तार करते हुए इसमें 100 से अधिक प्रशिक्षित महिलाओं को शामिल किया है।

कंपनी के विभिन्न संयंत्रों और खनन क्षेत्रों में कई कंट्रोल रूम अब मुख्य रूप से महिलाओं द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। साथ ही माइनिंग इंजीनियरिंग, डिजिटलीकरण और ऑटोमेशन जैसे तकनीकी क्षेत्रों में भी महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। यह पहल कंपनी के एक समावेशी और भविष्य के लिए तैयार कार्यबल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

झारसुगुड़ा एल्युमीनियम स्मेल्टर में ऑल-वुमन पॉटलाइन की डिप्टी इन-चार्ज घाना सौदामिनी ने कहा कि भारत की पहली पूरी तरह महिलाओं द्वारा संचालित स्मेल्टर लाइन का हिस्सा होना यह विश्वास दिलाता है कि सही सोच और मजबूत संस्थागत समर्थन के साथ कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती। उन्होंने कहा कि यह अनुभव उन्हें लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है और उम्मीद है कि इससे अन्य महिलाएं भी अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित होंगी।

वेदांता एल्युमीनियम के सीईओ राजीव कुमार ने कहा कि भारत के लो-कार्बन भविष्य के निर्माण में धातु और खनन क्षेत्र की अहम भूमिका होगी और इस बदलाव को आकार देने में महिलाओं की समान भागीदारी बेहद जरूरी है। उनके अनुसार कंपनी के लिए विविधता, समानता और समावेशन केवल सांस्कृतिक मूल्य नहीं बल्कि रणनीतिक ताकत हैं, जो व्यवसाय को अधिक नवाचारी और मजबूत बनाती हैं। उन्होंने बताया कि ‘तरक्की की तैयारी’ अभियान का उद्देश्य इस उद्योग को महिलाओं के लिए एक पसंदीदा करियर विकल्प बनाना है और वर्ष 2030 तक कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी को 30 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

कंपनी द्वारा यह अभियान पूरे महीने विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से चलाया जाएगा। इसमें महिला रोल मॉडल्स के साथ संवाद कार्यक्रम, सम्मान समारोह, टाउनहॉल बैठकें, सांस्कृतिक कार्यक्रम, कैंसर जागरूकता अभियान, मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम, सामुदायिक संपर्क अभियान, स्वास्थ्य शिविर और कर्मचारियों द्वारा संचालित स्वयंसेवी पहलें शामिल होंगी।

इसके अलावा जामखानी, घोघरपल्ली और कुरालोई खदान क्षेत्रों में आयोजित सामुदायिक कार्यक्रमों के माध्यम से 1,700 से अधिक महिलाओं को जोड़ा जाएगा। इन कार्यक्रमों के दौरान सामुदायिक उत्सवों के साथ अग्रिम पंक्ति की स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को भी सम्मानित किया जाएगा।

घोघरपल्ली खदान के पास स्थित बिलिनमुंडा गांव की आशा कार्यकर्ता प्रेमाबती माझी ने कहा कि वेदांता एल्युमीनियम द्वारा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार सहयोग दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आशा कार्यकर्ता इन पहलों को गांव-गांव तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं और इस प्रकार की पहचान उन्हें अपने समुदाय की सेवा और अधिक समर्पण के साथ करने के लिए प्रेरित करती है।

वेदांता एल्युमीनियम द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस यानी 8 मार्च को कंपनी की विविधता यात्रा को दर्शाने वाली एक विशेष फिल्म भी जारी की जाएगी। कंपनी का कहना है कि इन सभी प्रयासों का उद्देश्य यह संदेश देना है कि समावेशी विकास तभी संभव है जब अवसरों का निर्माण किया जाए, क्षमताओं को मजबूत बनाया जाए और कार्यस्थलों के साथ-साथ समुदायों में भी महिलाओं के नेतृत्व को आगे बढ़ाया जाए।

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