Chhattisgarh

ढपढप में 108 निर्धन कन्याओं का सामूहिक विवाह, राज्यपाल की मौजूदगी में भव्य श्री हनुमंत कथा का समापन

कोरबा/बांकीमोंगरा। कोरबा जिले के वनांचल क्षेत्र ग्राम ढपढप में आयोजित पांच दिवसीय दिव्य श्री हनुमंत कथा का समापन ऐतिहासिक और भावनात्मक माहौल में हुआ। घने जंगलों के बीच आयोजित इस भव्य कार्यक्रम ने पूरे क्षेत्र को भक्ति, सेवा और सनातन चेतना से सराबोर कर दिया। आयोजन की सबसे खास बात 108 निर्धन कन्याओं का सामूहिक विवाह रहा, जो वैदिक रीति-रिवाजों और गरिमामय वातावरण में संपन्न कराया गया।

इस अवसर को और भी खास बना दिया छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका की गरिमामयी उपस्थिति ने। उन्होंने कार्यक्रम में पहुंचकर नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया और विवाह समारोह की शुरुआत वरमाला के साथ कराई। राज्यपाल की मौजूदगी से आयोजन की गरिमा कई गुना बढ़ गई और यह पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय बन गया।

इस विशाल धार्मिक और सामाजिक आयोजन का सफल संचालन अपना घर सेवा समिति द्वारा किया गया। समिति ने पूरे कार्यक्रम को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराते हुए सेवा, समर्पण और लोककल्याण का उदाहरण प्रस्तुत किया। कथा स्थल की व्यवस्थाओं से लेकर विवाह कार्यक्रम, श्रद्धालुओं के स्वागत और अनुशासन तक हर स्तर पर समिति की सक्रिय भूमिका नजर आई।

आयोजन में सर्वमंगला मंदिर के पुजारी प्रबंधक नन्हा नमन पाण्डेय का भी विशेष सहयोग रहा। उनकी आध्यात्मिक सहभागिता ने कार्यक्रम को और अधिक श्रद्धामय और ऊर्जावान बनाया।

कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कोरबा सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से हजारों की संख्या में लोग यहां पहुंचे। स्थिति यह रही कि विशाल पंडाल भी छोटा पड़ गया और आसपास के क्षेत्र श्रद्धालुओं से भर गए। पूरे वातावरण में “जय श्रीराम” और “जय बजरंगबली” के जयघोष गूंजते रहे।

आयोजन का सबसे भावुक और प्रेरणादायक क्षण 108 निर्धन कन्याओं का सामूहिक विवाह रहा। इस दौरान हजारों श्रद्धालु बाराती और घराती बनकर शामिल हुए, जिससे माहौल पारिवारिक और आध्यात्मिक हो उठा। यह आयोजन न केवल विवाह तक सीमित रहा, बल्कि नारी सम्मान, सामाजिक समरसता और सेवा का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया।

पांच दिनों तक चली कथा में बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के प्रवचनों ने श्रद्धालुओं में भक्ति और संस्कार का संचार किया। उनके संदेशों ने समाज में सेवा, धर्म और संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाने का काम किया।

कार्यक्रम में मां सर्वमंगला मंदिर के पुरोहित मयंक पांडेय, राणा मुखर्जी, जिला पंचायत अध्यक्ष पवन सिंह, सुबोध सिंह, अमरजीत सिंह, अखिलेश अग्रवाल, विजय राठौर सहित कई गणमान्य नागरिकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

इस भव्य आयोजन ने ग्राम ढपढप को एक नई पहचान दी है। श्रद्धालुओं का मानना है कि यह स्थान अब आस्था, सेवा और सनातन संस्कृति का प्रमुख केंद्र बन चुका है। आने वाले समय में यह आयोजन जिले के सबसे यादगार और प्रेरणादायक धार्मिक आयोजनों में गिना जाएगा।

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