डीजीपी ने बिलासपुर में ली पुलिस अधिकारियों की समीक्षा बैठक,राजकिशोर नगर लूट प्रकरण में त्वरित कार्रवाई की सराहना, गश्त और आसूचना तंत्र मजबूत करने के निर्देश

बिलासपुर, 21 फरवरी 2026। छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अरुण देव गौतम ने शनिवार को पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय, बिलासपुर रेंज के सभागार में बिलासपुर जिले के पुलिस अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में रेंज व जिला स्तर के सभी राजपत्रित अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक के प्रारंभ में पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रामगोपाल गर्ग ने डीजीपी अरुण देव गौतम का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इसके पश्चात डीजीपी ने उपस्थित अधिकारियों का परिचय लिया और जिले में कानून-व्यवस्था की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की।
डीजीपी ने सर्वप्रथम राजकिशोर नगर में सर्राफा व्यवसायी के साथ हुई लूट की घटना की जानकारी ली। उन्होंने 24 घंटे के भीतर आरोपियों को माल मशरूका सहित गिरफ्तार करने तथा अंतर्राज्यीय समन्वय स्थापित करने पर पुलिस टीम की सराहना की। साथ ही निर्देशित किया कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए गश्त-पेट्रोलिंग, संदिग्ध व्यक्तियों की नियमित चेकिंग, होटल-लॉज निरीक्षण तथा आसूचना तंत्र को और अधिक मजबूत किया जाए। सर्राफा बाजार, बैंक एवं अन्य संवेदनशील स्थलों की नियमित जांच तथा सीसीटीवी व सुरक्षा व्यवस्थाओं की सतत मॉनिटरिंग पर भी जोर दिया गया।
अरुण देव गौतम ने राजपत्रित अधिकारियों को थानों का नियमित और गुणवत्तापूर्ण पर्यवेक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि थाने आने वाले फरियादियों की शिकायतों को संवेदनशीलता से सुना जाए तथा थाना प्रभारियों द्वारा स्वयं रिपोर्ट सुनकर एफआईआर दर्ज करने की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए। नाकाबंदी व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा संदिग्ध मर्ग प्रकरणों की जांच गंभीरता और सूक्ष्मता से करने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में संयुक्त संचालक अभियोजन माखनलाल पाण्डेय को विवेचना की गुणवत्ता सुधारने तथा आईसीजेएस प्रणाली के अंतर्गत ई-चालान और ई-साक्ष्य की प्रक्रिया को माननीय न्यायालय एवं थानों के समन्वय से प्रभावी ढंग से लागू करने की व्यवस्था विकसित करने पर बल दिया गया।
होमगार्ड एवं नगर सेना के उप पुलिस महानिरीक्षक लक्ष्मी चंद्रा वर्मा तथा अग्निशमन अधिकारी अपनी टीम सहित बैठक में उपस्थित रहे। डीजीपी ने फायर सेफ्टी एवं फायर ऑडिट की स्थिति की समीक्षा करते हुए सिरगिट्टी और मोपका में हुई अग्निकांड घटनाओं के संबंध में विस्तृत पर्यवेक्षण रिपोर्ट तैयार कर जिला एवं पुलिस प्रशासन के साथ साझा करने के निर्देश दिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए पूर्व तैयारी सुनिश्चित की जा सके।
बैठक के दौरान डीजीपी ने विभिन्न उदाहरणों और अनुभवों के माध्यम से प्रभावी पुलिसिंग की बारीकियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग को रेंज के सभी जिलों में पुलिस कार्यप्रणाली की सतत मॉनिटरिंग करने तथा बैठक में दिए गए निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।




