जिला अस्पताल: अब जमीन पर नहीं बेड पर होगा इलाज, क्योंकि 6 करोड़ रुपए से बनेगा 100 बिस्तर वाला भवन

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बुरहानपुरएक घंटा पहले
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आठ लाख से ज्यादा आबादी वाले जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने के लिए जिला अस्पताल में 100 बेड का फील्ड हॉस्पिटल बनाया जाएगा। इस पर करीब छह करोड़ रुपए खर्च होंगे। इससे अस्पताल के वार्डों में मरीजों की संख्या का दबाव कम होगा और मरीजों को भी सुविधा होगी। जिला अस्पताल की क्षमता फिलहाल 200 बेड की है। इसी हिसाब से यहां स्टाफ है। नए हॉस्पिटल भवन के साथ स्टाफ बढ़ाने की भी मांग हो रही है।
जिला अस्पताल के पास ही 6.94 करोड़ रुपए की लागत से फील्ड हॉस्पिटल भवन बनेगा। इसके लिए लंबे समय से प्रक्रिया चल रही थी। स्वीकृति के बाद अब इसके टेंडर जारी हो गए हैं। भवन निर्माण के लिए पहले से ही जगह चिह्नित कर ली गई है। अस्पताल भवन की पार्किंग के पास खाली जमीन पर इसका निर्माण होना है। फील्ड हॉस्पिटल भवन बनने से जिला अस्पताल के वार्डों में लगने वाली भीड़ को नियंत्रित किया जा सकेगा। जिला अस्पताल की वर्तमान क्षमता 200 बेड की है।
इसकी स्वीकृति को भी डेढ़ दशक से ज्यादा समय हो गया है। शासन से लगातार अस्पताल की क्षमता बढ़ाकर 300 बेड करने की मांग की जा रही है। इसके लिए कई बार प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं। लेकिन शासन से स्वीकृति नहीं मिली है। इस कारण कम स्टाफ के साथ ही अस्पताल का संचालन हो रहा है। जिला अस्पताल में हर दिन की ओपीडी 600 मरीजों के आसपास की है। सर्जिकल, मेडिकल, बच्चा वार्ड में करीब 200 मरीज भर्ती रहते हैं। मौसमी बीमारी के मरीज आने पर बेड खाली नहीं होने की स्थिति में जमीन पर लेटाकर उनका इलाज करना पड़ता है।
सिटी क्लिनिक को दोबारा शुरू करने की मांग
2साल पहले जिला अस्पताल में आने वाली मरीजों की भीड़ को कम करने के लिए सिटी क्लिनिक शुरू किया गया था। यहां सर्दी-खांसी और बुखार सहित अन्य सामान्य बीमारियों की जांच और इलाज की सुविधा थी। कोरोना संक्रमण के समय इसे बंद किया गया। लेकिन कोरोना संदिग्धों के इलाज के लिए दोबारा शुरू कर दिया गया। बाद में इसे टीकाकरण केंद्र बना दिया। अब दोबारा पुराने टीबी अस्पताल में सिटी क्लिनिक शुरू करने की मांग हो रही है,ताकि सामान्य बीमारी वाले मरीजांे को पांच किमी दूर नहीं जाना पड़े।
अाठ संजीवनी क्लिनिक भी बनेंगे शहर में
शहर में जल्द ही नए आठ संजीवनी क्लिनिक भी शुरू किए जाएंगे। नगर निगम15वें वित्त आयोग से178.48 लाख रुपए खर्च कर इनका निर्माण करेगा। शहर में आलमगंज के सामुदायिक शौचालय के पास,नेहरू नगर में जल संसाधन कार्यालय के पास,सिलमपुरा में सुलभ कॉम्प्लेक्स के पास,जयस्तंभ पर शिवकुमार सिंह प्रतिमा के सामने,शनवारा में शौकत गार्डन के सामने,प्रगति नगर में नगर निगम के सामने,गुलाबगंज में ईएसआईसी बीमा अस्पताल और दाऊदपुरा में आयुर्वेदिक क्लिनिक काली फाटक पर इनका निर्माण प्रस्तावित है। इसकी टेंडर प्रक्रिया चल रही है। ये क्लिनिक शुरू होने से सामान्य बीमारियों का इलाज यहीं हो सकेगा।
क्षमता बढ़ने से डेढ़ गुना हो जाएगा स्टाफ
करीब28कर ोड़ रुपए की लागत से बने जिला अस्पताल के दो मंजिला भवन के हिसाब से यहां स्टाफ काफी कम है। वर्तमान स्वीकृत संख्या से75%स्ट ाफ ही काम कर रहा है। अस्पताल में सुरक्षा गार्ड,वार्डबॉय और सफाई व्यवस्था आउटसोर्स की है। लेकिन इनकी संख्या भी अस्पताल की क्षमता के आधार पर निर्धारित है,जो इतने बड़े अस्पताल भवन के हिसाब से काफी कम है। यही कारण है कि अस्पताल का नियमित मेंटेनेंस और सुरक्षा को लेकर सवाल उठते हैं। अस्पताल की क्षमता बढ़ती है तो स्टाफ भी डेढ़ गुना बढ़ जाएगा। ऐसे में नई नियुक्ति होने से सुविधाएं मिलेंगीं।
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