जांजगीर-चांपा में सड़क हादसे रोकने के लिए पुलिस की नई पहल, पशु चिकित्सकों और गौवंश संरक्षकों के साथ SP विजय कुमार पाण्डेय ने बनाई संयुक्त रणनीति

जांजगीर-चांपा, 5 जुलाई 2026। बरसात के मौसम में सड़कों पर घूमने वाले मवेशियों के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और घायल गौवंश को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जांजगीर-चांपा पुलिस ने महत्वपूर्ण पहल की है। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के मार्गदर्शन में जिले के सभी पशु चिकित्सकों और गौवंश संरक्षकों की एक दिवसीय समन्वय कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें सड़क सुरक्षा, गौवंश संरक्षण और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई की रणनीति तैयार की गई।
कार्यशाला में पुलिस, पशु चिकित्सा विभाग और गौवंश संरक्षण से जुड़े स्वयंसेवकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया। इस दौरान सभी संबंधित अधिकारियों और स्वयंसेवकों के मोबाइल नंबरों का आदान-प्रदान कर एक प्रभावी संपर्क तंत्र विकसित करने का निर्णय लिया गया, ताकि किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने कहा कि बारिश के मौसम में बड़ी संख्या में मवेशी सड़कों पर बैठे या विचरण करते दिखाई देते हैं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा काफी बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में पुलिस, पशु चिकित्सा विभाग और गौवंश संरक्षकों की संयुक्त जिम्मेदारी है कि समय रहते आवश्यक कदम उठाकर दुर्घटनाओं को रोका जाए और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
बैठक में यह तय किया गया कि सड़क पर बैठे या घूमते हुए पशुओं की सूचना मिलते ही संबंधित टीम तत्काल मौके पर पहुंचेगी और आवश्यक कार्रवाई करेगी। वहीं, यदि किसी पशु के घायल होने की जानकारी मिलती है तो संबंधित पशु चिकित्सक बिना किसी देरी के घटनास्थल पर पहुंचकर प्राथमिक उपचार और आवश्यक चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराएंगे, जिससे पशुओं का जीवन बचाया जा सके।
कार्यशाला में भविष्य में भी पुलिस, पशु चिकित्सा विभाग और गौवंश संरक्षकों के बीच लगातार संवाद और समन्वय बनाए रखने का निर्णय लिया गया। अधिकारियों का मानना है कि संयुक्त प्रयासों से न केवल सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि गौवंश संरक्षण और आपातकालीन व्यवस्थाओं को भी अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
इस अवसर पर उप संचालक पशु चिकित्सा विभाग ए.एल. सिंह, डॉ. ओग्रे, जिले के विभिन्न ब्लॉकों के पशु चिकित्सक तथा बड़ी संख्या में गौवंश संरक्षक उपस्थित रहे।




