Chhattisgarh

जशपुर में घायल हाथी का त्वरित उपचार, इलाज के बाद सुरक्षित जंगल की ओर लौटा

0.पत्थलगांव वन परिक्षेत्र के गयापारा में निजी खेत में गिरा मिला था हाथी, वन विभाग और पशु चिकित्सक टीम ने किया उपचार

जशपुरनगर, 12 मार्च 2026।
वनमण्डल जशपुर की टीम ने घायल हाथी का त्वरित उपचार कर उसे सुरक्षित जंगल की ओर भेजने में सफलता प्राप्त की है। उपचार के बाद हाथी की स्थिति में सुधार हुआ और वह सुरक्षित रूप से धरमजयगढ़ वनमण्डल की ओर चला गया।

वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार 11 मार्च की सुबह लगभग 7 बजे दूरभाष के माध्यम से सूचना मिली कि पत्थलगांव वन परिक्षेत्र के बीट झक्कड़पुर अंतर्गत ग्राम बुढ़ाडांड के आश्रित ग्राम गयापारा में कृषक मोहर साय राठिया की निजी भूमि पर एक हाथी गिरा हुआ है। सूचना मिलते ही वन परिक्षेत्र अधिकारी पत्थलगांव अपने वन अमले के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे और स्थल का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान पाया गया कि हाथी जमीन पर गिरा हुआ था और कमजोरी के कारण उसका एक पैर उठ नहीं पा रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए वन परिक्षेत्र अधिकारी ने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी दी।

वनमण्डलाधिकारी जशपुर शशि कुमार ने स्थिति से उच्चाधिकारियों को अवगत कराते हुए हाथी के उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित कराई। इसके बाद सरगुजा जिले के रमकोला से वन्यप्राणी विशेषज्ञ पशु चिकित्सक डॉ. अजित पाण्डेय अपनी टीम के साथ पत्थलगांव पहुंचे और हाथी का चिकित्सकीय परीक्षण किया। परीक्षण के बाद डॉक्टरों की टीम ने हाथी का आवश्यक उपचार किया।

उपचार के बाद हाथी की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हुआ और कुछ समय पश्चात वह स्वयं उठकर सुरक्षित रूप से धरमजयगढ़ वनमण्डल की ओर चला गया।

इस दौरान वन विभाग की टीम पूरे क्षेत्र में सतत निगरानी बनाए रखी और आसपास के ग्रामीणों को हाथी से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की समझाइश दी, ताकि किसी प्रकार की जनहानि या अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।

वन विभाग ने क्षेत्र के ग्रामीणों से अपील की है कि हाथियों की मौजूदगी के दौरान सतर्कता बरतें, भीड़ एकत्रित न करें तथा किसी भी प्रकार की सूचना तत्काल वन विभाग को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

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