जय शक्ति आश्रम निकुम के संचालक संतश्री माताजी पंचतत्व में विलीन

भिलाई-/ जयशक्ति आश्रम निकुम तीर्थराज देवी निकुंभला धाम के संस्थापक-संचालक संतश्री माताजी का पार्थिव देह बुधवार दोपहर बाद स्थानीय मुक्तिधाम में पंचतत्व में विलीन हो गया. मुखाग्नि कुलदीप देशमुख ने दी. 62 वर्षीय संतश्री माताजी का निधन मंगलवार की देर शाम रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल रायपुर में हो गया. उन्हें ब्रेन स्ट्रोक के कारण विगत 20 मई से भर्ती कराया गया था. इलाज के दौरान वे कोमा में गए और उनका निधन हो गया. वे मूलरूप से अर्जुन्दा के निकटवर्ती गांव परसतराई के निवासी थे. वे विगत तीन दशकों से निकुम स्थित जय शक्ति आश्रम का संचालन कर रहे थे.
निकुम एक प्रमुख आध्यात्मिक और धार्मिक केंद्र है. यह आश्रम क्षेत्र में शांति, लोक कल्याण और धार्मिक अनुष्ठानों का एक प्रमुख केंद्र रहा है. संतश्री माताजी के मार्गदर्शन में समय-समय पर यज्ञ और महायज्ञ आयोजित किए गए. साथ ही गणपति भद्रकाल्यै नमः, राजलक्ष्मी महायज्ञ, शिव महायज्ञ, श्री रामकथा, श्रीमद्भागवत कथा के अलावा विभिन्न अवसरों पर यहाँ रुद्राभिषेक, हवन-पूजन का आयोजन भी किया जाता रहा है. इससे क्षेत्र में आध्यात्मिक वातावरण निर्मित हुआ है और जय शक्ति आश्रम को एक शक्तिपीठ की तरह पहचान मिली है.
उनके अंतिम संस्कार में मुख्यरूप से पूर्व विधायक अरूण वोरा, प्रतिमा चंद्राकर, जिला केंद्रीय सहकारी बैंक दुर्ग के अध्यक्ष प्रीतपाल बेलचंदन, लोकगायिका कविता वासनिक, पूर्व जनपद अध्यक्ष देवेंद्र देशमुख, निकुम के सरपंच भागवत पटेल, आलबरस के सरपंच भुवन देशमुख, वाणीविलास देशमुख सहित दुर्ग-भिलाई एवं छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों के उनके अनुयायी बड़ी संख्या में शामिल हुए.





