छिंदवाड़ा में लंपी वायरस के सिर्फ 6 केस!: वेटनरी अधिकारी का दावा, 10 हजार पशुओं को लग चुके है टीके, जरूरत पड़ी तो कराएंगे रिंग वैक्सीनेशन

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छिंदवाड़ा33 मिनट पहले
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छिंदवाड़ा के पशु चिकित्सा अधिकारी का दावा है कि पूरे जिले में लम्पी वायरस के 6 सस्पेक्टेड मवेशी मिले हैं, किसी भी पशु में वायरस की पुष्टि नहीं हुई है क्योंकि इनके लिए गए सैंपल की रिपोर्ट अभी तक भोपाल से नहीं आई है। ऐसे में उन्होंने पशुपालकों को कहा है कि वे घबराए नहीं किसी भी प्रकार के लक्षण मिलने पर तत्काल इसकी सूचना पशु विभाग को दे।
पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर पक्षबार के मुताबिक अब तक छह सस्पेक्टेड मवेशियों के सैंपल प्रयोगशाला में जांच के लिए भोपाल भेजे गए हैं जिसमें से किसी भी जांच सैंपल की रिपोर्ट अभी तक छिंदवाड़ा नहीं पहुंची है ऐसे में लंबी वायरस को लेकर कोई आधिकारिक बात नहीं कही जा सकती।
छिंदवाड़ा में 2, मोहखेड़ और हर्रई में मिले एक-एक केस
पशु चिकित्सा अधिकारी का कहना है कि छिंदवाड़ा में अब तक सिर्फ 6 सस्पेक्ट मवेशी मिले हैं जिनमें प्रारंभिक तौर पर लंपी वायरस के लक्षण देखे जा रहे हैं मवेशी में लंबी वायरस के लक्षण दिखाई दिए है, जिनमें तत्काल डॉक्टरों की टीम ने उनके सैंपल भोपाल प्रयोगशाला में जांच के लिए भेज दिए हैं।
क्योंकि वहां पूरे प्रदेश की जांच रिपोर्ट लंबित है ऐसे में बैटिंग के कारण रिपोर्ट आने में काफी समय लग रहा है। जब तक रिपोर्ट नहीं आएगी तब तक इस मामले में कुछ भी नहीं कह सकते है।
…..5 किमी के दायरे में होगा रिंग वैक्सिनेशन
डॉक्टर पक्षवार का कहना है कि यदि किसी भी मवेशी कि रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो मवेशी के संपर्क क्षेत्र के 5 किलोमीटर के दायरे में रिंग वैक्सीनेशन होगा जिसको लेकर विशेष रूप से व्यवस्था की गई है।अब तक 10000 मवेशियों को लगे टीकेपशु चिकित्सक के मुताबिक कुल 25000 वैक्सीन की व्यवस्था की गई है।
जिसमें से 10000 मवेशियों को वैक्सीनेट कर दिया गया है इसमें गौशाला के मवेशी भी शामिल है। वही यदि किसी भी मवेशी में इस तरह के लक्षण पाए जाएंगे तो उसके आसपास के क्षेत्र को वैक्सीनेट कर दिया जाएगा।
छिंदवाड़ा में बैतूल के रास्ते पहुंचा लंपी
आशंका जताई जा रही है कि किसी पशुपालक ने बैतूल से कम पैसे के लालच में कोई संक्रमित गाय को खरीद कर लाया होगा जिसके कारण जिले में इस वायरस ने दस्तक दी है ऐसे में एहतियातन पशुपालकों से अपील की गई है कि वह किसी भी तरह की मवेशियों को बाहरी जिले से खरीद कर ना लाएं।
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