Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ के इस जिले में वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं होने पर देना पड़ेगा 10 हजार तक जुर्माना

महासमुंद, 11 जनवरी। जिले में वाहन सुरक्षा को मजबूत करने और चोरी तथा तस्करी जैसी घटनाओं पर नियंत्रण लगाने के लिए परिवहन विभाग ने हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) लगवाना अनिवार्य कर दिया है।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन वाहनों में यह विशेष नंबर प्लेट नहीं होगी, उन पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। ट्रैफिक पुलिस के सहयोग से जल्द ही इन वाहनों के लिए सघन चेकिंग अभियान शुरू किया जाएगा। यह नंबर प्लेट न केवल वाहन की पहचान को सुरक्षित करती है, बल्कि फर्जी नंबर प्लेट के उपयोग को भी रोकने में सहायक है।

1 अप्रैल 2019 से पहले पंजीकृत वाहनों में लगवाना अनिवार्य
विभागीय नियमों के अनुसार, 1 अप्रैल 2019 से पहले पंजीकृत सभी वाहनों में एचएसआरपी लगवाना अनिवार्य है। इसके बिना वाहन को बेचने में भी मालिकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

नंबर प्लेट लगवाने की तुलना में चालान की राशि कई गुना अधिक है। उदाहरण के लिए, दोपहिया वाहनों में किटमेंट का खर्च लगभग 500 रुपये है, जबकि प्लेट न होने पर 1000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। चार पहिया वाहनों के लिए किटमेंट का खर्च लगभग 800 रुपये है, जबकि चालान की राशि 5000 से 10,000 रुपये तक हो सकती है।

विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे
विभाग के अनुसार, वर्तमान में किसान खेती और धान खरीदी में व्यस्त हैं। इसे ध्यान में रखते हुए, फरवरी महीने से ब्लॉक और ग्राम स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक किया जाएगा और उनके क्षेत्र में ही नंबर प्लेट लगवाने की सुविधा प्रदान की जाएगी।

जिले की स्थिति और लक्ष्य
जिले में कुल 1,78,677 वाहनों में एचएसआरपी नंबर प्लेट लगाने का लक्ष्य रखा गया है। अप्रैल 2025 से शुरू हुए इस अभियान में अब तक केवल 25,420 लोगों ने आवेदन किया है, जिनमें से 20,629 वाहनों में प्लेट लगाई जा चुकी है। अब भी 1,58,048 वाहन ऐसे हैं जिनमें एचएसआरपी नहीं लगी है। आवेदन की धीमी रफ्तार का मुख्य कारण लोगों में जागरूकता की कमी और ग्रामीणों की व्यस्तता को माना जा रहा है।

नंबर प्लेट टूटने पर लिखानी होगी रिपोर्ट
यदि एचएसआरपी प्लेट गिर जाती है या क्षतिग्रस्त हो जाती है, तो दूसरी नंबर प्लेट प्राप्त करने की प्रक्रिया थोड़ी कठिन है। वाहन मालिक को सबसे पहले थाने में नंबर प्लेट गुम होने या टूटने की रिपोर्ट दर्ज करानी होगी, उसके बाद ही नई नंबर प्लेट जारी की जाएगी।

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