चांपा में पंचगव्य आधारित गौ उत्पाद निर्माण पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला संपन्न

चांपा,। भारतीय कुष्ठ निवारक संस्थान, चांपा के तत्वावधान में छत्तीसगढ़ गौ सेवा गतिविधि द्वारा पांच दिवसीय गौ उत्पाद प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य गौ संवर्धन के साथ-साथ पंचगव्य आधारित उत्पाद निर्माण के माध्यम से स्वरोजगार को बढ़ावा देना रहा।
कार्यक्रम का आयोजन भारतीय कुष्ठ निवारण संघ की गौशाला, कात्रेनगर (चांपा, छत्तीसगढ़) में किया गया। प्रशिक्षण वर्ग में पंचगव्य आधारित गौ उत्पाद निर्माण, जैविक खेती एवं विपणन के व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तार से मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान पूजा सामग्री जैसे दीपक, धूपबत्ती, समरानी कप, माला, मूर्ति, अग्निहोत्र कंडा एवं हवन सामग्री; स्वच्छता सामग्री जैसे गोनाइल, साबुन, शैम्पू, बर्तन धोने का पदार्थ; पंचगव्य औषधियाँ जैसे सतद्योत घृत, अमृतांजन वाम, तक्रासव, सूरभी बाम एवं विभिन्न प्रकार के गौ अर्क; सौंदर्य प्रसाधन जैसे फेसवॉश, उबटन, फेस पैक, वर्ण निखार साबुन; तथा घरेलू सज्जा सामग्री जैसे बंदनवार, स्वस्तिक, लटकन, रंगोली, मूर्तियाँ एवं पेंटिंग बनाना सिखाया गया।
इसके साथ ही जैविक खेती से संबंधित जीवामृत (तरल खाद), घनजीवामृत (ठोस खाद), पंचगव्य ग्रोथ प्रमोटर, बीजामृत (बीज उपचार), नीमास्त्र, ब्रह्मास्त्र, अग्निस्त्र, दशपर्णी अर्क, खट्टी छाछ (फफूंदनाशक), सप्तधान्यांकुर अर्क, गौमूत्र अर्क एवं गोबर की खाद (एफवाईएम) तैयार करने की विधियों का प्रशिक्षण दिया गया। उत्पाद निर्माण के साथ-साथ उनकी पैकेजिंग, ब्रांडिंग एवं विपणन की जानकारी भी दी गई।
कार्यशाला में प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ अन्य राज्यों से आए प्रशिक्षार्थियों ने सहभागिता की। गौ सेवा गतिविधि छत्तीसगढ़ की प्रांत गौ उत्पाद प्रशिक्षण प्रमुख लालिमा जायसवाल ने गौ उत्पाद निर्माण का प्रशिक्षण प्रदान किया, जबकि प्रांत सहसंयोजक जितेंद्र साहू ने जैविक कृषि संबंधी विषयों पर मार्गदर्शन दिया।
कार्यक्रम में संस्थान के अध्यक्ष लक्ष्मी नारायण सोनी, सचिव सुधीर देव, लोमस साहू एवं घनश्याम तिवारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यशाला के दौरान सांसद कमला देवी जांगड़े, नारायण नामदेव (प्रांत सहप्रचारक), चन्द्रशेखर देवांगन (प्रांत कार्यवाह), ईरन्ना सपारे (प्रांत संयोजक) ने समय-समय पर प्रशिक्षार्थियों का मार्गदर्शन किया। मुख्य अतिथि के रूप में गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर सिंह पटेल उपस्थित रहे।
समापन सत्र में मुख्य अतिथियों के करकमलों से प्रशिक्षकों को श्रीफल, शॉल एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया तथा सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। आयोजकों ने बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से ग्रामीण स्तर पर स्वरोजगार को नई दिशा मिलेगी तथा गौ आधारित उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा।




