Chhattisgarh

गर्मी से पहले पानी संकट पर अलर्ट: सीएमओ ने एसईसीएल प्रबंधन को लिखा पत्र,गेवरा-दीपिका कॉलोनियों में 3–4 दिन में हो रही जलापूर्ति, जिम्मेदारी को लेकर नगर पालिका और प्रबंधन आमने-सामने

कोरबा। गर्मी की शुरुआत के साथ ही जिले में जल संकट की आहट सुनाई देने लगी है। विशेष रूप से साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) की गेवरा और दीपिका क्षेत्र की कॉलोनियों में पेयजल आपूर्ति को लेकर समस्या उभरने लगी है। यहां कई जगहों पर नलों से तीन से चार दिन के अंतराल में पानी मिलने की शिकायत सामने आई है, जिससे कर्मचारियों और उनके परिवारों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

नगर पालिका परिषद दीपिका के अंतर्गत कुल 30 वार्ड आते हैं, जिनमें से 12 वार्ड एसईसीएल के गेवरा और दीपिका क्षेत्र में शामिल हैं। इन वार्डों में हजारों की संख्या में कोयला कंपनी से जुड़े कर्मचारी और उनके परिवार निवास करते हैं। ऐसे में पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा को लेकर जिम्मेदारी तय करने का मुद्दा भी उठ खड़ा हुआ है।

नगर पालिका का कहना है कि कॉलोनियों में व्यवस्थाएं बनाए रखना एसईसीएल प्रबंधन की जिम्मेदारी है, जबकि कंपनी प्रबंधन का तर्क है कि जब वे नगर पालिका को टैक्स का भुगतान करते हैं, तो बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना नगर पालिका का दायित्व होना चाहिए।

इसी बीच, मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) राजेश गुप्ता ने एसईसीएल के गेवरा और दीपिका क्षेत्र के मुख्य महाप्रबंधकों (सीजीएम) को पत्र भेजकर जल आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। पत्र में उल्लेख किया गया है कि हर वर्ष गर्मी के मौसम में जल स्तर गिरने से कॉलोनियों में पानी की समस्या उत्पन्न होती है, जिसकी शिकायत पार्षदों के माध्यम से प्राप्त होती रही है। ऐसे में समय रहते आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं, ताकि लोगों को परेशानी न हो।इस संबंध में कलेक्टर, एसडीएम कटघोरा और नगर पालिका अध्यक्ष को भी अवगत करा दिया गया है।

समस्याओं का करेंगे आकलन
एसईसीएल दीपिका क्षेत्र के सीजीएम संजय मिश्रा ने बताया कि फिलहाल कॉलोनियों में जल आपूर्ति सामान्य है और किसी प्रकार की शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। नगर पालिका के पत्र के आधार पर स्थिति का आकलन किया जाएगा।

नगर पालिका की जिम्मेदारी: प्रबंधन
वहीं, एसईसीएल गेवरा क्षेत्र के सीजीएम ए.के. त्यागी ने कहा कि वर्तमान में कॉलोनियों में पानी की आपूर्ति सामान्य है और उपलब्ध व्यवस्थाओं से काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि नगर पालिका को टैक्स का भुगतान किया जाता है, इसलिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना उसका दायित्व है।

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