गणतंत्र दिवस पर कोरबा को औद्योगिक संकेत, पताड़ी पावर प्लांट पहुंचे गौतम अदानी, विस्तार की बढ़ी संभावनाएं

कोरबा। 77वें गणतंत्र दिवस पर औद्योगिक नगरी कोरबा को बड़े निवेश के संकेत मिले। अदानी समूह के चेयरमैन गौतम अदानी विशेष प्रवास पर कोरबा-चांपा मार्ग स्थित पताड़ी पावर प्लांट पहुंचे। उनके इस दौरे को पावर सेक्टर में नए विस्तार की दिशा में अहम माना जा रहा है।

प्लांट परिसर पहुंचने पर गौतम अदानी ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इसके बाद उन्होंने कंट्रोल रूम और कोल हैंडलिंग प्लांट का निरीक्षण किया तथा चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान तकनीकी और संचालन से जुड़े कई बिंदुओं पर अधिकारियों से चर्चा भी की गई।

दौरे के दौरान चेयरमैन का सहज और अनौपचारिक अंदाज देखने को मिला। वे प्रोटोकॉल से हटकर सीधे कर्मचारियों के बीच पहुंचे, उनसे संवाद किया और उनके अनुभव जाने। इस आत्मीय व्यवहार की कर्मचारियों और प्रबंधन स्तर पर सराहना की जा रही है।

अधिकारियों के साथ हुई बैठक में तीसरे चरण के विस्तार को लेकर अहम निर्णय लिए गए। प्रस्तावित योजना के तहत यहां 800 मेगावाट क्षमता की दो नई यूनिटें स्थापित की जाएंगी, जिनमें अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल टेक्नोलॉजी का उपयोग होगा। इस परियोजना पर लगभग 15 हजार करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान है। इसके लिए पर्यावरणीय जनसुनवाई आगामी 27 फरवरी को सरगबूंदिया हायर सेकेंडरी स्कूल के खेल मैदान में प्रस्तावित है।
प्रबंधन स्तर पर दूसरे चरण की 660 मेगावाट इकाइयों को अप्रैल-मई तक चालू करने की तैयारी भी की जा रही है। इसके साथ ही चौथे चरण में 800 मेगावाट की दो अतिरिक्त यूनिटें लगाने की संभावनाओं का आकलन करने के निर्देश भी दिए गए हैं, जिससे भविष्य में कोरबा की औद्योगिक क्षमता और बढ़ सकती है।
इस अवसर पर अदानी पावर लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारी विनीत जैन, पूर्व आईएएस अमन सिंह और नरेश गोयल भी मौजूद रहे। इससे पहले गौतम अदानी ने रायपुर जिले के रायखेड़ा स्थित पावर प्लांट का दौरा किया और वहां आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में भाग लिया। बाद में वे हेलीकॉप्टर से पताड़ी पावर प्लांट पहुंचे, जहां सीएचपी के समीप बने हेलीपैड पर उनका आगमन हुआ।
बीते दो दिनों में उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर, मध्यप्रदेश के अनूपपुर और छत्तीसगढ़ के विभिन्न पावर प्लांटों के उनके दौरे यह संकेत देते हैं कि अदानी समूह का वर्तमान फोकस पावर बिजनेस के विस्तार पर केंद्रित है।










