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कोल इंडिया की नई तबादला नीति लागू, 15 साल से एक ही जगह जमे 1,954 अधिकारियों का होगा ट्रांसफर

नई दिल्ली। कोल इंडिया प्रबंधन ने अपने अधिकारियों के लिए बहुप्रतीक्षित नई तबादला नीति लागू कर दी है। 12 फरवरी 2026 को लिए गए निर्णय के आधार पर तैयार की गई इस नीति के तहत लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात अधिकारियों का स्थानांतरण किया जाएगा। नई व्यवस्था से उन 1,954 अधिकारियों पर प्रभाव पड़ेगा, जो 15 वर्षों से अधिक समय से एक ही सहायक कंपनी या स्थान पर कार्यरत हैं।

कंपनी के अनुसार सबसे अधिक अधिकारी एसईसीएल में हैं, जहां 451 अधिकारी 15 वर्ष से अधिक समय से एक ही जगह पर पदस्थ हैं। इसके अलावा डब्ल्यूसीएल के 352, सीसीएल के 250, एमसीएल के 216, ईसीएल के 201, बीसीसीएल के 151, एनसीएल के 147, सीएमपीडीआइएल के 126, एनईसी के 7, डीसीसी के 1 और कोल इंडिया मुख्यालय के 12 अधिकारी शामिल हैं।

कोल इंडिया प्रबंधन का मानना है कि नई तबादला नीति से अधिकारियों को नए कार्यक्षेत्रों में काम करने का अवसर मिलेगा, जिससे अनुभव में वृद्धि होगी और कंपनी की समग्र कार्यक्षमता में सुधार आएगा। साथ ही नियमित अंतराल पर तबादले होने से स्थानीय स्तर पर बनने वाले संभावित गठजोड़ (नेक्सस) को तोड़ने में भी मदद मिलेगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और विजिलेंस से जुड़े मामलों में कमी आने की उम्मीद है।

नई नीति में कुछ श्रेणियों के अधिकारियों को उनकी वरिष्ठता और सेवा अवधि के आधार पर “चॉइस पोस्टिंग” का विकल्प देने का भी प्रावधान किया गया है। इसके तहत अधिकारी स्थानांतरण के समय अपनी पसंद के स्थान का विकल्प दे सकेंगे।

इसके अलावा नॉन-एग्जीक्यूटिव से एग्जीक्यूटिव कैडर में पदोन्नति होने पर सहायक कंपनी का परिवर्तन अनिवार्य किया गया है। हालांकि सर्वे विभाग को इससे छूट दी गई है। एक बार किसी अधिकारी का दूसरी सहायक कंपनी में तबादला होने के बाद उसे कम से कम तीन वर्ष तक वहीं सेवा देनी होगी और इस अवधि से पहले पुरानी कंपनी में वापसी संभव नहीं होगी।

तबादला प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए सभी आवेदन और चॉइस पोस्टिंग के विकल्प अब एचआरएमएस पोर्टल के ऑनलाइन मॉड्यूल के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे।

कोल इंडिया मुख्यालय में लंबे समय से पदस्थ अधिकारियों में वी. सुरपुरेड्डी (महाप्रबंधक मानव संसाधन), राजर्षि धर (मानव संसाधन), रथिन मित्रा (कंपनी प्रबंधन), सागर सेन (खनन), प्रशांत राय (भूविज्ञान), देबुलाल सरकार (खनन), कविता गुप्ता (पीआर), बिनोद कुमार (उत्खनन), मोहम्मद जमाल उद्दीन (खनन), ए. लक्ष्मी प्रभा (वित्त), काकली मुखर्जी (सीपी) और विनीत सिंह (एम एंड एस) शामिल हैं, जो 18 से 34 वर्षों से एक ही स्थान पर कार्यरत हैं।

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