Chhattisgarh

कोरबा में 52 हाथियों के दल का उत्पात, दंतैल ने ढहाया ग्रामीण का मकान, परिवार ने छिपकर बचाई जान…कई एकड़ फसल बर्बाद

कोरबा, 21 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में हाथियों का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है। कटघोरा वनमंडल के पसान सर्किल अंतर्गत खोडरी और आसपास के गांवों में 52 हाथियों का दल सक्रिय है। हाथी लगातार आबादी वाले क्षेत्रों और खेतों में पहुंचकर ग्रामीणों के मकानों और फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। बीती रात दल से अलग हुए एक दंतैल हाथी ने खोडरी गांव में जमकर उत्पात मचाया और एक ग्रामीण के कच्चे मकान को ढहा दिया। घटना के समय परिवार घर के अंदर सो रहा था। हाथी की आहट सुनकर परिवार के सदस्यों ने घर के एक कोने में छिपकर किसी तरह अपनी जान बचाई।

जानकारी के अनुसार, कटघोरा वनमंडल के पसान क्षेत्र में हाथियों की लगातार मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। बीती रात 52 हाथियों के दल से अलग होकर एक दंतैल खोडरी गांव में घुस आया। हाथी ने एक ग्रामीण के कच्चे मकान को निशाना बनाते हुए उसे क्षतिग्रस्त कर दिया। अचानक हुए हमले से परिवार के सदस्य घबरा गए। हालांकि, सूझबूझ दिखाते हुए सभी ने सुरक्षित स्थान पर छिपकर अपनी जान बचाई।

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी हाथी मित्र दल के सदस्यों के साथ मौके पर पहुंचे। टीम ने दंतैल हाथी को आबादी क्षेत्र से खदेड़ने की कार्रवाई शुरू की। काफी प्रयास के बाद हाथी जंगल की ओर लौट गया, जिसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। हाथियों के दल ने आसपास के खेतों में भी घुसकर फसलों को रौंद दिया है, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ा है।

इधर, कोरबा वनमंडल के साजापानी क्षेत्र में भी हाथियों का उत्पात लगातार जारी है। बीती रात हाथियों का दल एक बार फिर ग्रामीणों के खेतों में पहुंच गया और वहां खड़ी फसलों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। इस घटना में पांच ग्रामीणों की फसल प्रभावित हुई है। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हाथियों की गतिविधियों की निगरानी शुरू कर दी है। साथ ही प्रभावित किसानों की फसलों और अन्य संपत्तियों को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

लगातार हो रही इन घटनाओं से खोडरी, पसान और साजापानी सहित आसपास के गांवों में भय का माहौल बना हुआ है। हाथियों के आबादी क्षेत्र में पहुंचने से ग्रामीणों को जान-माल की सुरक्षा की चिंता सता रही है। वहीं, वन विभाग हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है।

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