Chhattisgarh

कोरबा में 12 अक्टूबर को विश्व आर्थराइटिस दिवस पर निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर, बोन मिनरल डेंसिटी और ब्लड शुगर की होगी जांच

कोरबा, 09 अक्टूबर। विश्व आर्थराइटिस दिवस के अवसर पर स्वस्थ भारत समृद्ध भारत अभियान के अंतर्गत ‘चलो आयुर्वेद की ओर’ मिशन के तहत कोरबा में 12 अक्टूबर 2026 को निःशुल्क आयुर्वेदिक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जाएगा। लायंस क्लब कोरबा एवरेस्ट, आरोग्य भारती, भारत विकास परिषद, विश्व हिंदू परिषद एवं आयुष मेडिकल एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस शिविर में वात रोगों से संबंधित जांच, चिकित्सकीय परामर्श और विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों के माध्यम से उपचार संबंधी मार्गदर्शन दिया जाएगा।

शिविर का आयोजन पतंजलि चिकित्सालय, शिव औषधालय, महानदी कॉम्प्लेक्स, निहारिका, कोरबा में सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक किया जाएगा। शिविर में आयुर्वेद में वर्णित 80 प्रकार के वात रोगों से संबंधित समस्याओं के लिए निःशुल्क परामर्श एवं उपचार संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इसके साथ ही अस्थि खनिज घनत्व यानी बोन मिनरल डेंसिटी (बीएमडी) और रक्त शर्करा यानी ब्लड शुगर की जांच भी निःशुल्क की जाएगी।

शिविर में अंचल के सुप्रसिद्ध आयुर्वेद चिकित्सा विशेषज्ञ एवं शिव औषधालय के संस्थापक नाड़ीवैद्य पंडित शिव कुमार शर्मा, नाड़ीवैद्या डॉ. वागेश्वरी शर्मा तथा नाड़ीवैद्य डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा अपनी सेवाएं प्रदान करेंगे। विशेषज्ञों द्वारा मरीजों की समस्याओं के अनुसार परामर्श दिया जाएगा। शिविर का उद्देश्य वात रोगों, जोड़ों के दर्द और हड्डियों के स्वास्थ्य के प्रति लोगों को जागरूक करना तथा समय पर जांच और उचित चिकित्सकीय सलाह के लिए प्रेरित करना है।

शिविर में बीएमडी मशीन के माध्यम से अस्थि खनिज घनत्व की जांच की जाएगी। आयोजकों के अनुसार, इस जांच का निर्धारित मूल्य 2,200 रुपये है, जिसे शिविर में दिल्ली से आने वाले तकनीशियन द्वारा निःशुल्क किया जाएगा। अस्थियों के स्वास्थ्य का आकलन करने में बोन मिनरल डेंसिटी जांच उपयोगी होती है। इसके अलावा रक्त शर्करा की जांच भी निःशुल्क की जाएगी। आयोजकों ने बताया कि शिविर में शुगर संबंधी एक औषधि भी निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।

वात रोगों से संबंधित मरीजों के लिए शिविर में निःशुल्क वातशामक काढ़ा और स्वास्थ्य संबंधी पुस्तिका वितरित की जाएगी। इसके साथ ही आयुर्वेदिक चिकित्सा, नेचुरोपैथी, पंचकर्म, षटकर्म, योग एवं प्राणायाम से संबंधित परामर्श और प्रशिक्षण दिया जाएगा। मरीजों को व्यक्तिगत रूप से योगाभ्यास एवं प्राणायाम का अभ्यास कराकर उपयोगी विधियों की जानकारी भी दी जाएगी।

शिविर में मरीजों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए दिनचर्या, ऋतुचर्या, आहार और विहार के संबंध में भी विस्तार से मार्गदर्शन दिया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, वात रोगों से जुड़ी समस्याओं में जागरूकता, उचित खानपान, नियमित शारीरिक गतिविधि और विशेषज्ञों की सलाह महत्वपूर्ण है। शिविर के माध्यम से लोगों को अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को समझने और उपयुक्त चिकित्सा परामर्श प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

नाड़ीवैद्य डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा ने बताया कि प्रत्येक वर्ष 12 अक्टूबर को विश्व आर्थराइटिस दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य आर्थराइटिस यानी गठिया और जोड़ों से संबंधित बीमारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इसी उद्देश्य से विभिन्न सामाजिक एवं स्वास्थ्य संगठनों के सहयोग से यह शिविर आयोजित किया जा रहा है।

उन्होंने अंचलवासियों से शिविर में पहुंचकर निःशुल्क जांच और विशेषज्ञों के परामर्श का लाभ लेने की अपील की है। शिविर में पंजीयन कराने और जांच के लिए निर्धारित समय प्राप्त करने हेतु मोबाइल नंबर 9826111738 पर संपर्क किया जा सकता है। आयोजकों ने बताया कि पहले से पंजीयन कराने से जांच के दौरान होने वाली असुविधा से बचने में मदद मिलेगी।

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