कोरबा में हिंदू नववर्ष पर उमड़ा जनसैलाब, भव्य शोभायात्रा में दिखी देशभर की लोक संस्कृति

कोरबा, 20 मार्च। हिंदू नववर्ष के अवसर पर गुरुवार को कोरबा शहर में उत्साह और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। शहर के हर वर्ग में पर्व को लेकर खासा उत्साह रहा। पूरे नगर में भगवा ध्वज लहराते नजर आए, वहीं रंग-बिरंगी आकर्षक लाइटों से सजे चौक-चौराहों और सड़कों ने माहौल को और भी भव्य बना दिया।
इस अवसर पर निकाली गई भव्य शोभायात्रा में देशभर की विविध लोक संस्कृतियों की झलक देखने को मिली। विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों की टीमों ने पारंपरिक वेशभूषा धारण कर शानदार प्रस्तुतियां दीं, जिसने युवाओं और आमजन का उत्साह दोगुना कर दिया। डीजे पर बज रहे भक्ति गीतों के बीच शहरवासी झूमते नजर आए। युवाओं, युवतियों और महिलाओं की टोली हाथों में भगवा ध्वज लेकर “जय श्रीराम” के जयघोष के साथ वातावरण को भक्तिमय बना रही थी।
शोभायात्रा का आयोजन हिंदू क्रांति सेना, बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद (विहिप) एवं सर्व हिंदू समाज के संयुक्त नेतृत्व में किया गया। यात्रा दो अलग-अलग दिशाओं से प्रारंभ हुई—पहली शोभायात्रा सीतामढ़ी स्थित रामजानकी मंदिर से और दूसरी कोसाबाड़ी हनुमान मंदिर से निकली। दोनों यात्राएं टीपी नगर पहुंचकर संपन्न हुईं।
हालांकि शोभायात्रा का निर्धारित समय दोपहर 3 बजे था, लेकिन जनसमूह के उत्साह को देखते हुए यह शाम 6 बजे के बाद प्रारंभ हो सकी। इससे पहले ही शहर के प्रमुख मार्गों और चौक-चौराहों पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी।
इस भव्य आयोजन में छत्तीसगढ़ के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, केरल, पश्चिम बंगाल और ओडिशा सहित कुल 13 राज्यों के लोक कलाकारों ने भाग लिया। कलाकारों द्वारा प्रस्तुत जीवंत झांकियां सीतामढ़ी से लेकर कोसाबाड़ी तक आकर्षण का केंद्र रहीं, जिनका जगह-जगह भव्य स्वागत किया गया।
यात्रा मार्ग पर विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा सेवा स्टॉल भी लगाए गए थे, जहां श्रद्धालुओं के लिए ठंडा पानी, शरबत और खाद्य सामग्री की व्यवस्था की गई थी। सुभाष चौक निहारिका, घंटाघर सहित कई स्थानों पर झांकियों का विशेष स्वागत एवं प्रदर्शन किया गया।
समूचा आयोजन श्रद्धा, संस्कृति और एकता का प्रतीक बनकर उभरा, जिसने कोरबा शहर को एक उत्सवमय स्वरूप प्रदान किया।




