कटघोरा में गणेश चतुर्थी पर्व: 111 फुट ऊँचा पंडाल और 21 फुट ऊँची विशाल प्रतिमा बनी आकर्षण का केंद्र

कोरबा, 28 अगस्त (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के कटघोरा शहर में गणेश चतुर्थी पर्व को हर्षोल्लास से मनाया जा रहा है। इस वर्ष समिति ने केरल के तिरुअनन्तपुरम स्थित भगवान विष्णु के प्रसिद्ध पद्मनाभस्वामी मंदिर का आकर्षक पंडाल बनाया है, जो 111 फुट ऊँचा है और छत्तीसगढ़ में श्रद्धालुओं के लिए आस्था और आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
पंडाल निर्माण का कार्य कलकत्ता से आए निर्माण कारीगरों द्वारा युद्धस्तर पर किया गया है। “कटघोरा का राजा” की 21 फुट ऊँची विशाल और आकर्षक प्रतिमा छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के ग्राम थनौद स्थित प्रसिद्ध राधे आर्ट गैलरी में निर्मित हो रही है। साथ ही रोजाना गंगा आरती की थीम में आरती की जाएगी।
लगभग हजारों की संख्या में प्रदेश समेत अन्य जिलों के लोग यहां देखने के लिए पहुंचते हैं। समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि इस आयोजन का उद्देश्य केवल भव्य पंडाल और प्रतिमा तैयार करना नहीं, बल्कि लोगों में भक्ति, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को प्रोत्साहित करना भी है।
इस आयोजन में श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। पंडाल के अंदर और बाहर सुरक्षा के लिए पुलिस और सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए हैं। इसके अलावा, श्रद्धालुओं के लिए पीने के पानी, शौचालय और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।
समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि इस आयोजन के लिए विशेष रूप से तैयार की गई प्रतिमा और पंडाल को देखने के लिए लोगों का तांता लगा हुआ है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन न केवल कटघोरा बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है।
इस आयोजन में शामिल होने के लिए कोरबा जिले के अलावा अन्य जिलों से भी लोग पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं ने बताया कि यह आयोजन उनके लिए एक अद्वितीय अनुभव है और वे इसे कभी नहीं भूलेंगे।
कटघोरा में गणेश चतुर्थी पर्व के आयोजन के लिए समिति के पदाधिकारियों और स्वयंसेवकों ने कड़ी मेहनत की है। उन्होंने बताया कि यह आयोजन उनके लिए एक चुनौती थी, लेकिन उन्होंने इसे सफलतापूर्वक पूरा किया है।
इस आयोजन के लिए समिति के पदाधिकारियों ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस के साथ मिलकर काम किया है। उन्होंने बताया कि यह आयोजन उनके लिए एक सफलता है और वे इसे आगे भी जारी रखेंगे।