उज्जैन की तर्ज पर दो दिवसीय भैरवाष्टमी महोत्सव का समापन: भैरव बाबा पर भक्तों ने 60 प्रकार की भोग सामग्री के साथ मदिरा, कोल्ड ड्रिंक, सिगरेट, तंबाकू, और गांजा भी चढ़ाया

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- Devotees Also Offered Alcohol, Cold Drinks, Cigarettes, Tobacco, And Ganja Along With 60 Types Of Food Items To Bhairav Baba.
सीहोर24 मिनट पहले
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काल भैरव अष्टमी के 2 दिवसीय महोत्सव का समापन हो गया। काल भैरव अष्टमी के पावन अवसर पर शहर के बड़ा बाजार-चरखा लाइन के मध्य में स्थित शहर कोतवाल बाबा काल भैरव के नाम से प्रसिद्ध मंदिर में मंत्रोच्चार के साथ महा आरती का आयोजन किया गया। इसके उपरांत छप्पन भोग के साथ सर्व प्रथम कन्याओं को भोज के बाद भंडारे का आयोजन किया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। यहां पर दो दिवसीय महोत्सव में 60 प्रकार की खाने-पीने की चीजों का भोग लगाया था। जिसमें देशी-विदेशी मदिरा, बीड़ी-सिगरेट, तंबाकू, चिलम, भांग, गांजा और कोल्ड्रिंक्स, अलग-अगल तरह के नमकीन, बिस्किट, सूखे मेवे, दही बड़ा, जलेबी, इमरती आदि का भोग परंपरानुसार लगाया गया।
इस संबंध में जानकारी देते हुए आयोजन समिति के रामू सोनी और समाजसेवी संजय सोनी ने बताया कि छावनी सहित आस-पास के क्षेत्र में आस्था का केंद्र इस मंदिर में प्रतिवर्ष काल भैरव अष्टमी पर धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। विगत 2 सालों से सादगी के साथ आयोजन किया जाता था। लेकिन काल भैरव अष्टमी के पावन अवसर 2 दिवसीय जन्मोत्सव का आयोजन किया गया था। इस मौके पर ज्योतिषाचार्य पंडित गणेश शर्मा सहित आधा दर्जन विप्रजनों का भव्य स्वागत किया। इस दौरान पंडित शर्मा ने कहा कि मदिरा, बीड़ी-सिगरेट, तंबाकू, अफीम, चिलम, भांग, गांजा आदि यह हमारी नकारात्मक बुराई है। इसको त्यागने के लिए इनको भैरव पर चढ़ाया जाता है। काल भैरव की पूजा करने से सभी प्रकार की नकारात्मकता और बुरी शक्तियां दूर होती हैं। भगवान शिव ने रक्षा हेतु काल भैरव का अवतार धारण कर प्रकृति की रक्षा की। काल भैरव सनातन संस्कृति के रक्षक देव हैं। उन्होंने कहा काल भैरव की पूजा से मनुष्य का कल्याण होता है।
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