आयुष्मान योजना में गड़बड़ी करने वाले 16 निजी अस्पतालों का रजिस्ट्रेशन रद्द, रायपुर के सबसे ज्यादा 8 अस्पताल शामिल

रायपुर, 03 नवंबर 2026। छत्तीसगढ़ में आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों के इलाज में अनियमितता बरतने वाले 16 निजी अस्पतालों पर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने इन सभी अस्पतालों का आयुष्मान योजना के तहत पंजीयन निरस्त कर दिया है। कुल 19 अस्पतालों की जांच की गई थी, जिसमें 16 अस्पतालों में अलग-अलग तरह की गड़बड़ियां सामने आईं। इनमें सबसे ज्यादा 8 अस्पताल राजधानी रायपुर के हैं।
जांच में मरीजों से निर्धारित राशि से अधिक पैसे वसूलने, बिना जरूरत अस्पताल में भर्ती करने, इलाज के पैकेज में गलत कोड दर्ज कर ज्यादा भुगतान लेने और फर्जी दस्तावेज तैयार करने जैसी अनियमितताएं मिली हैं। इसके अलावा कुछ अस्पतालों में एजेंटों के माध्यम से मरीजों को भर्ती कराने का मामला भी सामने आया है।
11 अस्पतालों में मरीजों से की गई अतिरिक्त वसूली
स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट के अनुसार, 16 अस्पतालों में से 11 में मरीजों से इलाज के नाम पर अतिरिक्त पैसे वसूलने की पुष्टि हुई है। वहीं 7 अस्पतालों में बिना जरूरत मरीजों को भर्ती किया गया। पांच अस्पतालों में इलाज के पैकेज की गलत कोडिंग कर अधिक राशि लेने की गड़बड़ी मिली। इसके अलावा 6 अस्पतालों में एजेंटों के जरिए मरीज लाने और 2 अस्पतालों में फर्जी दस्तावेज तैयार करने के मामले सामने आए हैं।
इन जिलों के अस्पतालों पर हुई कार्रवाई
रायपुर के श्री अनंत साई अस्पताल, एसके केयर अस्पताल, श्री महावीर अस्पताल, श्रीनिवास अस्पताल, वरदान अस्पताल, सुयश इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, हेरिटेज अस्पताल और श्री रावतपुरा सरकार अस्पताल का पंजीयन निरस्त किया गया है। इन अस्पतालों में मरीजों से अतिरिक्त वसूली, एजेंटों के जरिए मरीज लाने, गलत पैकेज कोडिंग और फर्जी दस्तावेज जैसी अनियमितताएं पाई गईं।
दुर्ग जिले के पल्स अस्पताल और श्री शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में भी गड़बड़ी मिली। कोंडागांव के नेताम अस्पताल एवं इन्फर्टिलिटी सेंटर, कोरबा के हरि कृष्णा केयर अस्पताल, बस्तर के स्वामी चंद्रशेखरानंद अस्पताल और कबीरधाम के जय जगन्नाथ हेल्थकेयर पर भी कार्रवाई की गई है।
इसी तरह बिलासपुर के अशोक प्रसूति मंदिर और केयर एन क्योर मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल का आयुष्मान योजना के तहत पंजीयन रद्द किया गया है। इन अस्पतालों में मरीजों से अधिक पैसे वसूलने और इलाज के पैकेज में अनियमितता के मामले सामने आए।
तीन अस्पतालों में नहीं मिली बड़ी गड़बड़ी
जांच के दौरान तीन अस्पतालों में कोई बड़ी अनियमितता नहीं मिली। इनमें बिलासपुर का मेहता चिल्ड्रन नर्सिंग होम, रायपुर का विजन सेंटर आई हॉस्पिटल और सरगुजा का डीएचटी अस्पताल शामिल हैं।
नर्सिंग होम एक्ट के तहत अलग से होगी जांच
स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त संचालक इंद्रजीत बर्मन के अनुसार, 16 अस्पतालों के खिलाफ फिलहाल आयुष्मान भारत योजना के तहत कार्रवाई की गई है। नर्सिंग होम एक्ट के तहत कार्रवाई के लिए अलग से टीम गठित की गई है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि आयुष्मान योजना के तहत पंजीयन निरस्त करना और नर्सिंग होम एक्ट के तहत कार्रवाई करना दो अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। नर्सिंग होम एक्ट के तहत अस्पतालों के पंजीयन, संचालन, जरूरी चिकित्सा सुविधाओं, उपलब्ध स्टाफ और मरीजों को दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं के निर्धारित मानकों की जांच की जाएगी। यदि इस जांच में गंभीर अनियमितताएं पाई जाती हैं तो संबंधित अस्पतालों का नर्सिंग होम एक्ट के तहत पंजीयन भी निरस्त किया जा सकता है।




