VIDEO: अवैध शस्त्र बिक्री पर आईपीएस सुश्री अंकिता शर्मा ने अमेजन इंडिया को भेजी नोटिस

अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
सक्ती – जिले में प्रतिबंधित चाकू की ऑनलाइन बिक्री से जुड़े एक मामले में जिले के तेजतर्रार पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा (आईपीएस) ने ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन इंडिया को नोटिस जारी करते हुये जवाब – तलब किया है। पुलिस अधीक्षक ने तीन दिवस के भीतर कंपनी को यह स्पष्ट करने को कहा है कि आखिर क्यों ना अमेजन इंडिया प्लेटफॉर्म को इस मामले में सह-आरोपी बनाया जाये।
दरअसल सक्ती पुलिस ने हाल ही में चाकू दिखाकर आम लोगों को धमकाने से जुड़े मामले अपराध क्रमांक 177/25 थाना मालखरौदा में एक आरोपी को गिरफ्तार किया था। आरोपी ने पूछताछ में यह बताया कि उसने अपराध में से इस्तेमाल किये गये चाकू की खरीदी ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन इंडिया से की थी। पुलिस ने अमेजन इंडिया को भेजे गये नोटिस में कहा है कि राज्य में अब तक चाकूबाजी से जुड़े सैकड़ों अपराध सामने आ चुके हैं जिनमें हत्या , रंगदारी और महिलाओं की गरिमा भंग करने जैसे गंभीर मामले शामिल है। इसके बावजूद ई-कॉमर्स कंपनी प्रतिबंधित शस्त्रों की ऑनलाइन बिक्री पर रोक नहीं लगा रही है।
नोटिस में कहा गया है कि इस प्रकार की लापरवाही से प्रतीत होता है कि अमेजन इंडिया अपनी सामाजिक और कानूनी जिम्मेदारियों से बच रहा है तथा समाज के प्रति गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपना रहा है। सक्ती पुलिस ने नोटिस में लिखा है कि अमेजन इंडिया अब अपराधों को बढ़ावा देने वाला डोर-स्टेप डिलीवरी प्लेटफॉर्म बनता जा रहा है।
सक्ती पुलिस ने कंपनी से चार बिंदुओं पर जवाब मांगा है और कहा है कि यदि तय समय सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं मिला , तो विधिक प्रावधानों के तहत सख्त कार्यवाही की जायेगी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि प्रतिबंधित शस्त्रों की बिक्री जारी रही , तो अमेजन इंडिया को घटित अपराधों में सहभागी एवं दोषी माना जायेगा। सक्ती जिले की एसपी अंकिता शर्मा ने ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन इंडिया को यह नोटिस भेजा है। इस नोटिस में उन्होंने प्रतिबंधित चाकू की विक्री को जन सुरक्षा के लिये एक गंभीर विषय करार दिया है। कंपनी प्रबंधन को भेजे गए नोटिस में उन्होंने शस्त्र अधिनियम 1959 में दिये गये प्रावधानों का जिक्र करते कहा है कि अधिनियम की धारा 2 में हुये शस्त्र को परिभाषित किया गया है। इसके मुताबक कोई भी चाकू जिसकी चौड़ाई दो इंच से अधिक हो , वह निषिद्ध शस्त्र की श्रेणी में आता है। जब तक कि वह केवल मुताबिक कोई भी चाकू जिसकी धार नौ इंच घरेलू , कृषि , वैज्ञानिक या औद्योगिक उपयोग हेतु ना हो , जबकि आरोपी से जब्त किया गया चाकू इस निषेध की परिधि में आता है। उन्होंने लिखा है कि अधिनियम की धारा 5 कहती है कि कोई व्यक्ति बिना विधि अनुसार प्राप्त लाइसेंस शस्त्र या गोला-बारूद का उपयोग , निर्माण , प्राप्ति , बिक्री , हस्तांतरण , मरम्मत , परीक्षण या बिक्री के लिये भंडारण नहीं कर सकता। इस आधार पर ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन इंडिया या उसके निदेशक के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही का प्रावधान बनता है , क्योंकि अमेजन इंडिया ना केवल ऐसे प्रतिबंधित शस्त्रों की बिक्री कर रहा है , बल्कि विक्रेताओं और वैवरहाउस के माध्यम से उन्हें भंडारित भी करता है। नोटिस धारा 20 में स्पष्ट प्रावधान है कि यदि कोई व्यक्ति शस्त्र इस प्रकार ले जाते हुये पाया जाता है , जिससे उसके अवैध उपयोग की आशंका हो , तो मजिस्ट्रेट , पुलिस अधिकारी या अन्य सार्वजनिक सेवक उसे बिना वारंट गिरफ्तार कर सकते हैं और शस्त्र जब्त कर सकते हैं। नोटिस में लिखा है कि अमेजन इंडिया को इस तथ्य से भली भांति परिचित होना चाहिये कि ऐसे प्रतिबंधित चाकू प्रतिदिन छत्तीसगढ़ एवं सक्ती जिले में वितरित किये जा रहे हैं। ऐसे हथियारों का उपयोग कर ना केवल हत्या के मामले सामने आये हैं , बल्कि कई निर्दोष लोगों पर हमला किया गया है। इसके बावजूद अमेजन इंडिया प्रतिबंधित चाकू की सप्लाई और डिलीवरी कर रही है। पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा ने अमेजन को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं कि भविष्य में सक्ती जिला एवं छत्तीसगढ़ राज्य में किसी भी प्रकार के प्रतिबंधित शस्त्र जैसे बटन चाकू या आक्रामक हथियार की बिक्री व डिलीवरी ना हो। अनुपालन ना करने पर अमेजन और संबंधित व्यक्तियों पर विधिसम्मत कार्यवाही की जायेगी।