अधिक बारिश का इंतजार या समाधान? खरसिया कॉलेज के मुख्य गेट पर गंभीर जलभराव

खरसिया। शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय खरसिया का मुख्य प्रवेश द्वार इन दिनों विद्यार्थियों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। हल्की बारिश में ही कॉलेज के मुख्य गेट पर बारिश और आसपास के घरों का पानी जमा होकर तालाब जैसी स्थिति बना रहा है। ऐसे हालात में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और आम लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।सबसे चिंताजनक बात यह है कि अभी बारिश का दौर पूरी तरह शुरू भी नहीं हुआ है, फिर भी जलभराव की समस्या विकराल रूप ले चुकी है। यदि आने वाले दिनों में तेज बारिश होती है, तो कॉलेज का मुख्य मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो सकता है और आवागमन बाधित होने की पूरी आशंका है।इस समय महाविद्यालय में परीक्षाएं भी चल रही हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को पानी और कीचड़ के बीच होकर परीक्षा केंद्र तक पहुंचना पड़ रहा है। कई बाइक और साइकिल कीचड़ में बंद भी हो जा रहे हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।यह दृश्य केवल असुविधा का नहीं, बल्कि जल निकासी व्यवस्था की गंभीर कमी को भी उजागर करता है।
प्रशासन से सवाल और मांग
सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन समाधान के लिए अधिक बारिश का इंतजार करेगा?
जब सीमित बारिश में ही कॉलेज का मुख्य द्वार जलभराव की चपेट में आ गया है, तो मूसलाधार बारिश के बाद स्थिति कितनी भयावह होगी, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों की प्रशासन से मांग है कि बारिश और आसपास के पानी की निकासी के लिए तत्काल स्थायी व्यवस्था बनाई जाए, ताकि विद्यार्थियों को परेशानी से बचाया जा सके और किसी संभावित दुर्घटना से पहले ही इस समस्या का समाधान हो।
अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी समय रहते कार्रवाई करते हैं या फिर किसी बड़ी परेशानी और अधिक बारिश का इंतजार किया जाएगा।




